18 वर्ष से ऊपर के दिव्यांगजनो के नहीं जारी होंगें टेम्परेरी प्रमाण पत्र : आयुक्त
जनपद के दिव्यांग बोर्ड की बैठक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग राज्य आयुक्त हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई...

दिव्यांग बोर्ड की हुई बैठक
चित्रकूट। जनपद के दिव्यांग बोर्ड की बैठक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग राज्य आयुक्त हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र के विषय में जानकारी ली गई। कई बिन्दुओं पर चर्चा कर निर्देश व सुझाव दिए गए हैं। 18 वर्ष से ऊपर से दिव्यांगजन के टेम्परेरी प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे। जो जारी हुए हैं उनको निरस्त किया जायेगा। दिव्यांग बोर्ड में तीन वर्ष से अधिक कार्यरत बोर्ड के सदस्यों को परिवर्तित किया जायेगा। ईएनटी के लिए टेस्ट की रिपोर्ट के बाद प्रमाण पत्र निर्गत किये जायेंगे। टेस्ट की व्यवस्था जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय सीतापुर में है। तकनीकि विशेषज्ञ की व्यवस्था मुख्य चिकित्साधिकारी करेंगें। दिव्यांग प्रमाण पत्र निर्गत करने के लिए सप्ताह में दो दिन बोर्ड लगाया जाए। मण्डल के अन्य सीएमओ से समन्वय करते हुए जिस दिव्यांगता के विशेषज्ञ जनपद में न हो उन्हे प्रत्येक महीने के तीसरे सप्ताह में किसी एक दिन बुलाने के लिए निश्चित किया जाए। प्रत्येक महीने कितने यूडीआईडी निर्गत होते हैं उसकी सूचना राज्य आयुक्त कार्यालय लखनऊ उत्तर प्रदेश को प्रेषित करना है। जनपद के प्राईवेट डाक्टर को भी बोर्ड में शामिल किया जा सकता है। आज की बैठक के बाद सीएमओ बोर्ड को सूचित करेगें। सात सदस्यीय टीम का गठन होगा। कहा कि किसी दबाव व अन्य कारण से दिव्यांग प्रतिशत कम न किया जाये न ज्यादा हो। मुख्य चिकित्साधिकारी समय-समय पर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया को देखें। बहुदिव्यांगता की स्थिति में प्रत्येक प्रकार की दिव्यांगता का प्रमाण पत्र पर स्पष्ट उल्लेख प्रतिशत के साथ किया जाए। बैठक में राज बहादुर सिंह उपनिदेशक दिव्यांगजन शसक्तीकरण विभाग मण्डल बांदा, सीएमओ डॉ भूपेश द्विवेदी, डॉ रोहित गुप्ता आर्थोपेडिक सर्जन, डॉ अमित कुमार आर्या आई सर्जन, डॉ रामनरेश राजपूत ईएनटी सर्जन, डॉ नरेन्द्र देव पटेल मनोचिकित्सक उपस्थित रहें।
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