जेल लीगल एंड क्लीनिक का निरीक्षण कर सचिव ने बंदियों को दी विधिक जानकारी

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त एक्शन प्लान के अनुक्रम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जिला...

Sep 11, 2026 - 10:35
Sep 11, 2026 - 10:36
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जेल लीगल एंड क्लीनिक का निरीक्षण कर सचिव ने बंदियों को दी विधिक जानकारी

चित्रकूट। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त एक्शन प्लान के अनुक्रम एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने गुरुवार को जिला कारागार का निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया।

जिला कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया। जेल लीगल एड क्लीनिक में अनुरक्षित पंजिकाओं को देखा। जेल पीएलवी को निर्देशित किया गया कि ऐसे बन्दी जिनके पास उनके वाद की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है उनके प्रार्थना पत्र लेकर अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से नियम अनुसार कार्यवाही के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करना सुनिश्चित करें। महिला बैरक का निरीक्षण में महिला बैरक में निरूद्ध महिलाओं से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गयी। निरूद्ध महिलाओं को निःशुल्क अधिवक्ता, जेल अपील के बारे में वार्ता की गयी। यह भी बताया गया कि किसी भी बन्दी को किसी भी प्रकार की समस्या हो तो जिला कारागार में संचालित लीगल एड क्लीनिक में कार्यरत अधिकार मित्र को अवगत कराकर अपनी समस्या के समाधान के लिए जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत करा सकते हैं। इसी क्रम में जिला कारागार के बैरक संख्या 16, 21, 22 में निरूद्ध बन्दियों के मध्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रदेश स्तर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन है। एकत्रित बन्दियों से उनकी समस्याओं के बारे में चर्चा की गयी। दो बन्दियों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके मुकदमें की पैरवी के लिए अधिवक्ता नहीं है। उन्हे बताया गया कि जेल में अवस्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से अधिवक्ता के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर निःशुल्क विधिक सेवा प्राप्त कर सकते हैं। बन्दियों को किशोर अधिनियम के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र का पाया गया। जिससे वह भारतीय कानून के तहत उसे विशेष संरक्षण और लाभ प्राप्त कर सकता है। इसके उपरान्त 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। इस अवसर पर जेल अधीक्षक कुश कुमार सिंह, जेलर सुधीर कुमार यादव, सुबेदार यादव डिप्टी जेलर, गया प्रसाद निषाद मुख्य न्याय रक्षक, शिवशंकर उपाध्याय उपमुख्य न्यायरक्षक व अन्य जेल सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे।

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