प्रशिक्षण में नवचयनित पराविधिक स्वयं सेवकों को बताए गए दायित्व
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में नवचयनित पराविधिक स्वयंसेवको का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष...
चित्रकूट। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में नवचयनित पराविधिक स्वयंसेवको का प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष जिला जज शेषमणि शुक्ला के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पराविधिक स्वयं सेवक चयन समिति के अध्यक्ष राहुल मिश्रा, प्रथम अपर जिला जज सदस्य इला चौधरी, राममणि पाठक अपर जिला जज त्वरित न्यायालय न्यू, रेनू मिश्रा विशेष न्यायाधीश पाक्सो, सचिन कुमार दीक्षित सिविल जज, विदिशाभूषण सिविल जज, अभिनव कुमार दुबे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने नवचयनित अधिकार मित्रों को बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रदेश स्तर पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला स्तर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा तसहील स्तर पर तहसील विधिक सेवा समिति का गठन किया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता (प्रो-बोनो) हेमराज सिंह द्वारा सभी नवचयनित अधिकार मित्रों को उनके दायित्वों का बारे में विस्तृत रूप से बताया गया और उनको यह निर्देश दिया गया कि समाज के दूरदराज गावों में निवास करने वाले समाज के कमजोर, निर्धन, असहाय व्यक्तियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की मंशा के अनुसार सस्ता व सुलभ न्याय के बारे में जागरूक करें। ताकि वे मानवीय सम्मान के साथ जीने के अपने अधिकार के विषय में जागरूक हो सकें। इसी क्रम में समस्त अधिकार मित्रों बताया गया कि वर्तमान में नालसा द्वारा 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत तथा राष्ट्र के लिये मध्यस्थता अभियान में अधिक से अधिक वाद पक्षकारों की आपसी सहमति से सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किया जाना है। इसलिये समस्त अधिकार मित्रों का यह दायित्व बनता है कि वे अपने कार्यक्षेत्र में सामान्य जन के बीच राष्ट्र के लिये मध्यस्थता अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करें।
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