पहल : गोंडा स्थित चंदेल कालीन धरोहरों का होगा संरक्षण
भरतकूप के निकट ग्राम गोंडा स्थित चंदेलकालीन दो प्राचीन मंदिर के मण्डप के क्षतिग्रस्त, दरारयुक्त, भग्नावशेष के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन...
चित्रकूट। भरतकूप के निकट ग्राम गोंडा स्थित चंदेलकालीन दो प्राचीन मंदिर के मण्डप के क्षतिग्रस्त, दरारयुक्त, भग्नावशेष के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा लगभग 15 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है।
संरक्षण कार्य के अंतर्गत मंदिर के मण्डप के भग्नावशेष के भारी पत्थरों को ऊपरी भाग से नींव तक वैज्ञानिक एवं सुरक्षित तरीके से हटाकर पुनः मूल स्वरूप में स्थापित किया जाएगा। साथ ही मंदिर के क्षतिग्रस्त प्लेटफॉर्म व सीढ़ियों का भी संरक्षण किया जायेगा व चार दीवारी को रिपेयर कर उस पर ग्रिल लगाकर स्मारक को सुरक्षित भी किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण संरक्षण कार्य के लिए राजस्थान से विशेष कारीगरों की टीम बुलायी गई है जो प्राचीन स्थापत्य की तकनीक एवं संरचना को ध्यान में रखते हुए कार्य करेगी। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण कर लिया जाएगा।
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