चित्रकूट : श्री सदगुरु गौ सेवा केन्द्र में गौ-पूजन के साथ मनाई गोपाष्टमी

परमहंस संत रणछोड़दास जी महाराज के पावन प्रेरणा से चित्रकूट के जानकीकुण्ड में संचालित श्री सदगुरु सेवा संघ...

चित्रकूट : श्री सदगुरु गौ सेवा केन्द्र में गौ-पूजन के साथ मनाई गोपाष्टमी

सभी जीवों में सिर्फ गौ को ही माता का दर्जा प्राप्त है : ऊषा जैन

गौ माताओं के लिए विशेष अन्नकूट का छप्पन भोग लगाकर किया आरती-पूजन

चित्रकूट,
परमहंस संत रणछोड़दास जी महाराज के पावन प्रेरणा से चित्रकूट के जानकीकुण्ड में संचालित श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट के तत्त्वावधान में श्री सदगुरु गौ-सेवा केन्द्र में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कार्तिक शुक्ल अष्टमी को हर्षोल्लासपूर्वक गोपाष्टमी का पर्व मनाया गया।

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इस अवसर पर गौ सेवा केन्द्र की संचालिका उषा जैन ने बतलाया कि, विगत 25 वर्षों से अनवरत यह परंपरा गौ-सेवा केन्द्र में हम मनाते आ है, जिसमें गोपाष्टमी के अवसर पर गौ-माता का गोधूलि बेला में पूजन, अर्चन, आरती एवं भोग लगाया जाता है। प्रारंभ में गौ-वंश की संख्या कम थी, लेकिन वर्तमान में लगभग 1200 गौ-वंश हमारे केन्द्र में सेवाएं प्राप्त कर रही हैं | इस गौशाला को क्षेत्र की आधुनिक एवं डिजिटल गौशाला होने का गौरव प्राप्त है। यहाँ 25 गौ सेवक निरंतर गौमाता की सेवा के लिए 24 घंटे नियुक्त हैं, तथा उनके चारा-पानी,चिकित्सा आदि की समुचित व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जाती है | साथ ही विशेष उत्सव के अवसर पर गौ माताओं के लिए छप्पन भोग अन्नकूट का प्रसाद भी लगाया जाता है। इसमें अंचल के पूज्य संतों, गुरुभाई-बहन, सदगुरु परिवार के सदस्य एवं गौ-भक्त उपस्थित होकर, गौ माता के प्रति श्रद्धापूर्वक भोग लगाते हैं। 

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उषा जैन ने बतलाया कि, गौ हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न अंग है, प्राचीन काल से वर्तमान काल तक उनके उपकारों से हम उऋण नहीं हो सकते, सभी जीवों में केवल गौ को ही माता का दर्जा प्राप्त है, इसपर गौ के महत्त्व को हम समझ सकते हैं। आज विडंबना है कि, भारत जैसे देश में ही गौ की स्थिति दयनीय हो गयी है, गौपालन का स्तर कम होता जा रहा है और गौ-माता को आश्रय देने वाले एवं सेवा करने वाले बहुत कम लोग बचे हैं। ऐसे में हम सभी का नैतिक दायित्व है कि, यदि अकेले संभव न हो, तो समूह में मिलकर गौ-सेवा के प्रकल्प संचालित कर गौ संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य करें अथवा तो निकटतम गौ-सेवा केन्द्रों में जाकर गौ-सेवा हेतु सहयोग करें। हमारे यहाँ तो यहाँ तक कहा गया है कि, गौ सेवा से परमात्मा रीझते हैं। प्रत्येक परिवार भी यदि एक एक गौ वंश के पालन की जिम्मेदारी उठा ले तो उनकी स्थिति में सुधार हो सकता है,साथ ही आने वाली पीढ़ी भी इसके महत्त्व को समझ सकेगी। 

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उषा जैन ने सभी से सदगुरु गौ सेवा केन्द्र पधारकर सपरिवार गौमाता के दर्शन करने का आग्रह किया।  इस अवसर पर ट्रस्टी डॉ.बी.के.जैन, श्रीमती मिलोनी बेन, उषा जैन,अनुभा अग्रवाल सहित संत महन्त, गुरुभाई-बहन, सदगुरु परिवार के कार्यकर्तागण एवं गौ भक्त उपस्थित रहे। 

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