अध्यक्ष ने लोक अदालत जागरुकता रैली को दिखाई हरी झंडी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधी शेषमणि शुक्ला...
12 सितम्बर को होना है लोक अदालत का आयोजन
चित्रकूट। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधी शेषमणि शुक्ला, पद्माकरमणि त्रिपाठी पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, सन्तोष कुमार तृतीय स्थायी लोक अदालत, राहुल मिश्रा प्रथम अपर जिला जज, अनुराग कुरील अपर जिला जज एफटीसी, गीता सिंह विशेष न्यायाधीश एससी एसटी, राममणि पाठक अपर जिला जज एफटीसी नोडल अधिकारी लोक अदालत एवं रेनू मिश्रा विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली में अग्रणी बैंक के तत्वावधान में प्रचार वाहन के माध्यम से जागरूकता रैली कर्वी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुये 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में भी आम जनमानस को जागरूक किया गया।
नोडल अधिकारी अपर जिला जज राममणि पाठक ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर को जनपद न्यायालय, कलेक्ट्रेट मुख्यालय एवं समस्त तहसीलों में शमनीय आपराधिक वाद, धारा-138, एनआई एक्ट, मोटर एक्सीडेंट क्लेम वाद, श्रम वाद, बैंक वसूली वाद, विद्युत अधिनियम और जल वाद, सर्विस मैटर्स, पारिवारिक, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, राजस्व, चकबन्दी वाद, किरायेदारी वाद, सुखाधिकार वाद, स्थायी निषेधाज्ञा व सिविल वाद, मनी वसूली वाद, विनिर्दिष्ट अनुतोष वाद, मोटर वाहन ई-चालान, लघु आपराधिक वादों, श्रम वाद, प्री-लिटिगेशन के माध्यम से ऐसे वाद जो अभी न्यायालय के समक्ष नही आये हैं विशेषकर पारिवारिक मामले, उपभोगता फोरम तथा आर्बिट्रेशन सम्बन्धित वादों एवं अन्य प्रकार के जिन वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर हो सकता है उन्हे भी अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित किया जायेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बैंकों एवं पराविधिक स्वयं सेवकों के सहयोग से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार प्रसार एवं आमजन मानस को जागरूक करने के लिये रैली निकाली गयी। राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों में लगी कोर्ट फीस वापस हो जाती है। मुकदमें बाजी से छुटकारा जल्दी मिल जाता है। आर्थिक व्यय व समय की बचत होती है। इस अवसर पर सचिन कुमार दीक्षित सिविल जज सीडि सहायक नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, अश्वनी कुमार उपाध्याय सिविल जज सीडि एफटीसी, अंशुमान यादव अतिरिक्त सिविल जज सीडि, विदिशा भूषण, सिविल जज जूडि, सृष्टि शुक्ला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम, अभिनव कुमार दुबे न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय, प्रभात कुमार मेहता अग्रणी प्रबन्धक इण्डियन बैंक, सुरेन्द्र कुमार, जिला सूचना अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत समस्त न्याय रक्षकगण, जनपद न्यायालय में कार्यरत कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में कार्यरत समस्त पैरालीगल वालेण्टियर्स उपस्थित रहे।
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