लोकनृत्य, भजन, रासलीला, रामलीला प्रस्तुत कर कलाकारों ने बांधा समां

चित्रकूट में रामायण मेले की परिकल्पना का एक बिन्दु भारत की समृद्ध लोक कलाओं के माध्यम से प्रभु श्रीराम...

लोकनृत्य, भजन, रासलीला, रामलीला प्रस्तुत कर कलाकारों ने बांधा समां

जय राम रमा रमनम समनम की धुन ने श्रोताओं का मन मोहा

चित्रकूट। चित्रकूट में रामायण मेले की परिकल्पना का एक बिन्दु भारत की समृद्ध लोक कलाओं के माध्यम से प्रभु श्रीराम के चरित्र को सुरुचिपूर्ण ढंग से ग्रामीण जनता तक पहुंचाना भी था जो लोग बड़े-बड़े विद्वानों के प्रवचनों को समझने में अक्षम हो उन्हे रामचरित्र के विभिन्न आयामो को अभिनय और नृत्य के माध्यम से आत्मसात करने का मौका देने के उद्देश्य से रामायण मेला में प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अपना विशेष महत्व है। लखनऊ से आई जया अरोड़ा ने भक्ति गायन प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने सुरमयी आवाज में जब मेरी झोपड़ी के भाग आज जाग जाएंगें सुनाया तो श्रोता खुद को रोक नहीं पाए और उनके साथ जुगलबंदी करने लगे। इसके बाद लोक कला को अपने जीवन की साधना बना चुकी बांदा की पेट्रोल पम्प संचालिका श्रद्धा निगम द्वारा स्थापित नृत्य कलागृह की लोक नृत्यांगनाओं ने कथक के माध्यम से खूबसूरत प्रस्तुतियों से दर्शको का मन मोह लिया। शिवोहम नाम के अंतर्गत गणेश स्तुति प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात धु्रपद पद्धति में शिव स्तुति पर शानदार नृत्य कर कलाकारों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।

शिव स्तुति के बाद बांदा की नृत्यांगनाओं ने शिव विवाह के प्रसंग को अपनी भावभंगिमाओं से जीवंत बना दिया। भोले भंडारी के अर्द्धनारीश्वर स्वरूप को भी कलाकारों ने बखूबी प्रदर्शित किया। शिव और शक्ति के स्वरूप में दो कलाकारों ने अभिनय का ऐसा जलवा बिखेरा जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध रहे गए। रामचरित मानस में भगवान शिव द्वारा अपने आराध्य प्रभु श्रीराम की आराधना के शब्दो में जय राम रमा रमनम समनम की संगीत से सजी धुन को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत कर समां बांध दिया। बांदा से आए इस गु्रप में शुभी गुप्ता, शैलजा पटेल, आद्या तिवारी, अनामिका धुरिया, रसिका ठाकुर, श्रुति साहू, स्वपनिल सक्सेना शामिल रहीं। मप्र के गुना जिले के दशरथ सिंह मीना ने अपने भजनों से दर्शकों का मन मोहा। मुझे राम प्यारे, मुझे राम दे दो, श्याम पिया मेरी बिगड़ी बना दे, बिहारी जी मुझे वृंदावन बुला क्यों नहीं लेते दर्द मेरे दिल का मिटा क्यों नहीं देते, मेरा हनुमान मुत्हे लंका में जाना होगा प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। इसके साथ ही होली गीत व कृष्ण गीत भी सुनाया। रामलखन यादव महोबा की पार्टी में प्रेमलता सोनी ने मेरे बांकेबिहारी पिया, चुरा दिल मेरा लिया का सुंदर गायन किया। कार्यक्रम का समापन राधा कृष्ण की होली के साथ हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन मेले के महामंत्री डा करुणा शंकर द्विवेदी ने किया।

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