हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन, साहित्यकारों ने हिंदी के महत्व पर रखे विचार

अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल ‘मानस किंकर’ की अध्यक्षता एवं एडवोकेट अशोक कुमार त्रिपाठी...

Sep 15, 2026 - 15:31
Sep 15, 2026 - 15:34
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हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी का आयोजन, साहित्यकारों ने हिंदी के महत्व पर रखे विचार

गणेश आराधना के साथ मनाया हिंदी दिवस, कवियों ने रचनाओं से बांधा समां

बांदा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल ‘मानस किंकर’ की अध्यक्षता एवं एडवोकेट अशोक कुमार त्रिपाठी ‘जीतू जी’ के संरक्षण में नूतन बाल समाज श्री गणेश भवन, शास्त्री नगर अलीगंज में हिंदी दिवस के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों ने हिंदी भाषा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए काव्य पाठ किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे भगवान गणेश की स्थापना एवं पूजन के साथ हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में साहित्यकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्य अतिथि केवल प्रसाद द्विवेदी एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रभा निगम ने पुष्पांजलि अर्पित कर गणेश आराधना की। गोपाल दास गुप्ता ‘साथी’ ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का कुशल संचालन आरसी योगा ने किया।

काव्य गोष्ठी में डॉ. रमेश कुमार त्रिपाठी ने हिंदी को शुद्धता के साथ बोलने और लिखने पर जोर दिया। केवल प्रसाद द्विवेदी ने “कितनी प्यारी, कितनी मीठी हिंदी भाषा हमारी”, जबकि प्रभा निगम ने “हिंदी में है हंसी हमारी, हिंदी में अरमान हैं” रचना प्रस्तुत की। रविकांत ने हिंदी को सबसे प्यारी और न्यारी भाषा बताया।

दयानंद सिंह ने “हम सबकी भाषा है हिंदी, भारत की परिभाषा है हिंदी”, रीता गुप्ता ने “हिंदी है माथे की बिंदी, हिंदी है मर्यादा” तथा राम प्रसाद वियोगी ने अपनी रचना प्रस्तुत की। गोपाल दास गुप्ता ‘साथी’, अमरपाल सिंह राजावत, पूजा त्रिवेदी, राजेंद्र तिवारी ‘स्वदेश’ और अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं से हिंदी के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।

आरसी योगा ने “हिंदी है आज प्यारी भाषा, शीघ्र बने यह राष्ट्र की भाषा” का काव्य पाठ किया। अखिलेश शुक्ल, मंदिर के पुजारी एवं सभापति सुशील कुमार तिवारी ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार रखे।

अंत में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल ने काव्य पाठ करते हुए कहा, “हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान, हम हैं भारत मां की संतान” और हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए पूरे वर्ष हिंदी के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

अध्यक्ष राम प्रताप शुक्ल ने कहा कि इस बार एक साथ तीन पर्व मनाने का विशेष संयोग बना। महिलाओं ने हरतालिका व्रत मनाया, इसके बाद सभी ने गणेश चतुर्थी का आयोजन किया और इसी क्रम में हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी संपन्न हुई। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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