बाँदा : रवि काना की रिहाई के मामले में जेल अधीक्षक और जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर मामला सुर्खियों में बना हुआ है...
बांदा। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर मामला सुर्खियों में बना हुआ है। रविवार को जहां डीआईजी प्रयागराज जोन ने जेल अधीक्षक बंदियो और बंदीरक्षकों के बयान दर्ज किया और जेल सीसीटीवी कैमरे खंगाले। वही आज मंगलवार को जेल पुलिस चौकी इंचार्ज की तहरीर पर जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम और जेलर विक्रम सिंह यादव के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दी गई है।
यह भी पढ़े : बाँदा में स्टंटबाजी पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, लग्जरी गाड़ियां सीज
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के जेल चौकी प्रभारी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर जेल में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध एक अभियोग पंजीकृत किया गया है। जिसमें आरोप लगा है कि जेल में निरुद्ध एक अपराधी जिसका नाम रवि काना है। उसका जनपद गौतमबुद्धनगर के न्यायालय के समक्ष वीसी से पेशी के उपरान्त बिना किसी न्यायालय के आदेश के व बिना न्यायालय को सूचित किए उसको रिहा कर दिया गया । प्रकरण संवेदनशील है। जिसमें विशेष विवेचनात्मक टीम अपर पुलिस अधीक्षक बांदा के नेतृत्व मे गठित की गई है। इसमें हर पहलू पर गहनता से जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में अभियुक्त को रिहा किया गया है । प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार मंगलवार को पांच सदस्यीय एसओजी (स्पेशल आपरेशन ग्रुप) टीम ने चार घंटे तक मंडल कारागार में सुरागरसी करती रही। माफिया की रिहाई के पखवारा भर पहले तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ दस्तावेजों की जांच की। माफिया से संबंधित कई रिकार्डों की फोटो कापी व फुटेज के साक्ष्य अपने साथ ले गई है। इसके पहले दर्जन भर बंदियों व आधा दर्जन से ज्यादा जेल वार्डर डिप्टी जेलर आदि से माफिया के संबंध में गहनता से पूछताछ की है। टीम ने सभी के बयान दर्ज किए हैं।
यह भी पढ़े : ‘विकसित भारत’ की नींव : बजट 2026 में बच्चों के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का प्रावधान
बताते चलें कि ग्रेटर नोएडा निवासी स्क्रैप माफिया व कुख्यात गैंगस्टर रविंद्र नागर उर्फ़ रवि काना को अगस्त 2024 में बांदा की मंडल कारागार जेल में लाया गया था। यहां की जेल में गुरुवार शाम 6.39 बजे जेल प्रशासन द्वारा उसकी रिहाई कर दी गई थी। यह जानकारी मिलते ही गौतम नगर सीजेएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा। इस लापरवाही के लिए जेलर विक्रम सिंह यादव को डीजी जेल के आदेश पर निलंबित कर दिया गया और जेल अधीक्षक के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए गए। साथ ही पूरे मामले की जांच डीआईजी प्रयागराज जोन राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई। डीआईजी जेल राजेश श्रीवास्तव ने रविवार को जेल में साढ़े चार घंटे तक जांच की थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
