हमीरपुर में मराठाकालीन मंदिर में कोरोना के कारण जन्माष्टमी की नहीं मचेगी धूम

हम्मीरदेव की नगरी में मराठाकालीन मंदिर में जन्माष्टमी की धूम कोरोना महामारी के कारण नहीं नहीं मचेगी। हालांकि श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही है...

हमीरपुर में मराठाकालीन मंदिर में कोरोना के कारण जन्माष्टमी की नहीं मचेगी धूम
हमीरपुर का मराठाकालीन मंदिर

  • सामाजिक दूरी के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की रात होगी मंगला आरती

सामाजिक दूरी के बीच मंदिर के पुजारी राधा कृष्ण की अनमोल मूर्तियों का दूध दही और  शहद से अभिषेक कर मंगला आरती करेंगे। पहली मर्तबा जन्माष्टमी के पर्व पर श्रद्धालुओं की मंदिरों में चहलपहल नहीं दिखायी देगी।

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हमीरपुर नगर के हाथी दरवाजा मुहाल में यमुना नदी के तट पर राधा कृष्ण का मंदिर स्थित है। ये मंदिर मराठाकालीन में बना था। मंदिर में विराजमान राधा कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियों की अपनी खास विशेषता है। श्रीकृष्ण की मनोरम मूर्तियों का रंग सुबह और शाम बदलता है। आसपास के इलाकों के अलावा नजदीक के ग्रामों से भी लोग इस मंदिर में आकर माथा टेकते है। साहित्यकार डा.भवानीदीन ने बताया कि मराठाकालीन के इस मंदिर अद्भुत नक्काशी के लिये प्रसिद्ध है। राधा कृष्ण मंदिर भी बड़ा ही अद्भुत है जहां सूरज की पहली किरण से भगवान की मूर्तियां चमक उठती है।

मराठाकालीन मंदिर परिसर में ही बजरंगबली की अद्भुत मूर्ति भी स्थापित है। साथ ही शिव और पार्वती की मूर्तियां भी मठ में विराजमान है। राधा कृष्ण की मूर्तियां भी करीब सवा फीट लम्बी है जो अष्टधातु की है। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डा.एसके दुबे ने बताया कि हमीरपुर में सर्वे के दौरान ये पवित्र मंदिर देखा गया था। मंदिर वाकई सैकड़ों साल पुराना है। मंदिर के मठ कारीगरी के अद्भुत नमूने है।

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वरिष्ठ नागरिक बाबूराम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि यहां पिछले साल जन्माष्टमी पर्व पर पूरी रात कार्यक्रम आयोजित हुये थे। लेकिन अबकी बार कोरोना वायरस महामारी के कारण मंदिर में जन्माष्टमी की धूम नहीं मचेगी।

बाजीराव पेशवा ने पूजा के लिये बनवाया था मंदिर
मंदिर के पुजारी हरि नारायण द्विवेदी ने बताया कि संवत 1723 में यहां के शासक बालाजी बाजीराव पेशवा थे। उन्होंने इस मंदिर को बनवाया था। मंदिर का मठ पूरी तरह से अंडाकार है जिसे कहीं से भी देखने पर एक जैसा नजर आता है। मंदिर के पुजारी हरि नारायण महाराज ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिये ये मंदिर हर समय खुला रहता है। मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति की रक्षा के लिये हनुमान जी रात में पहरेदारी करते है। इसीलिये आज तक मंदिर में कभी कोई चोरी नहीं हुयी है। एक बार किसी ने चोरी करने का साहस भी किया तो हनुमान जी के चमत्कार से उल्टे पांव वापस भागा है। पुजारी बाबा ने बताया कि सैकड़ों साल गुजर गये है लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं सुना कि इस मंदिर में चोरी की कोई घटना हुयी है। इसीलिये आज तक मंदिर में ताला नहीं पड़ा है। उन्होंने बताया कि गलत विचार से रात में मंदिर के चबूतरे पर आने वाले को श्रीराम भक्त हनुमान जी तत्काल दंड भी देते है।

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हिन्दुस्थान समाचार