मछली पालन से समृद्धि की ओर बढ़ीं बांदा की महिलाएं, आजीविका मिशन दे रहा नई उड़ान

2 जनवरी उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अब धरातल पर रंग लाने लगी है...

Jan 2, 2026 - 18:10
Jan 2, 2026 - 18:16
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मछली पालन से समृद्धि की ओर बढ़ीं बांदा की महिलाएं, आजीविका मिशन दे रहा नई उड़ान

बांदा | 2 जनवरी उत्तर प्रदेश सरकार की ग्रामीण आजीविका मिशन योजना अब धरातल पर रंग लाने लगी है। बांदा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब केवल चूल्हे-चौके तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 'मछली पालन' के जरिए आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। जिले के चार ब्लॉकों में 19 महिला समूहों ने इस स्टार्टअप को अपनाकर आर्थिक संपन्नता की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।

82 बायो फ्लॉक टैंकों में हो रहा उत्पादन

जिले में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नरैनी, बबेरू, बिसंडा और बड़ोखर खुर्द ब्लॉक का चयन किया गया है। वर्तमान में लगभग 350 महिलाओं को इस कार्य के लिए प्रशिक्षित किया गया है। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए जिले में 82 बायो फ्लॉक टैंक बनाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक बबेरू में 50, बिसंडा में 22 और नरैनी में 10 टैंक स्थापित किए गए हैं। उत्पादन से लेकर बाजार में बिक्री तक की व्यवस्था के लिए सरकार ने 'नेचर जनिक्स' नामक कंपनी को नामित किया है, जो पूरी प्रक्रिया की देखरेख कर रही है।

सब्सिडी से मिलेगी बड़ी राहत

इन महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से जोड़ा जा रहा है।

  • लागत: एक बायो फ्लॉक टैंक की स्थापना में करीब 60 हजार रुपये का खर्च आता है।

  • अनुदान: योजना के तहत महिलाओं को 30 हजार रुपये (50%) तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है।

  • प्रक्रिया: इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ताकि समूहों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।

क्या कहते हैं अधिकारी?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डिप्टी कमिश्नर भईयन लाल ने बताया कि:

"जिले में स्टार्टअप के रूप में चार ब्लॉकों में यह कार्य शुरू किया गया है। महिलाओं में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। आने वाले समय में अन्य समूहों को भी इससे जोड़ा जाएगा। यह योजना न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर मुनाफा भी दिलाएगी।"

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • लाभार्थी: 19 महिला समूह (लगभग 350 महिलाएं)।

  • तकनीक: बायो फ्लॉक टैंक आधारित मछली पालन।

  • क्षेत्र: नरैनी, बबेरू, बिसंडा व बड़ोखर खुर्द।

  • लक्ष्य: ग्रामीण महिलाओं को व्यापार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना।

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