एक माह में समिति के समक्ष प्रस्तुत करें विवरण : सभापति
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की चित्रकूट व बांदा की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सभापति किरण पाल कश्यप की...
चित्रकूट व बांदा की संयुक्त बैठक कर जिला स्तर पर ही समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश
सिंचाई विभाग बांदा के डेटा आधारित निस्तारण एवं सूचना जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने पर सराहा
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति की चित्रकूट व बांदा की संयुक्त बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सभापति किरण पाल कश्यप की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में सदर विधायक अनिल प्रधान, जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी बांदा जे रीभा, पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल, मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल, मुख्य विकास अधिकारी बांदा अजय कुमार पांडेय सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सभापति संसदीय अध्ययन समिति के कलेक्ट्रेट आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। बैठक में जनपदों के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त संदर्भों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किये कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए निस्तारण की सूचना पत्र के माध्यम से संबंधित जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाए। नगर विकास एवं जल निगम ग्रामीण के संबंध में अधिशासी अभियंता से जानकारी ली। अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में तीन परियोजनाएं संचालित हैं। जिनके अंतर्गत सिलौटा में 576 किमी, चांदी बागर में 2500 किमी तथा रैपुरा में 725 किमी पाइप लाइन बिछाई गई है। अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिए गए कि पाइप लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को पूर्व स्थिति में शीघ्र पुनर्निर्मित कराया जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों के फोन काल का समय से संज्ञान लिया जाए तथा समिति के समक्ष एक माह के भीतर समस्त आवश्यक सूचनाओं के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से जनपद में संचालित गौशालाओं एवं चारा पानी की व्यवस्था की जानकारी ली। निर्देश दिए कि कोई भी निराश्रित पशु सड़कों पर न घूमे। उन्हें गौशालाओं में कराए तथा किसानों की फसलों को किसी प्रकार का नुकसान न होने पाए। आयुष विभाग को निर्देश दिए कि जनसामान्य, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए शिविरों का आयोजन कर व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। बैठक में सिंचाई विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग एवं परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि एक माह के भीतर समिति के समक्ष समस्त विवरण प्रस्तुत करें। कहा कि संसदीय अध्ययन समिति विधान परिषद की एक महत्वपूर्ण समिति है जो एक मिनी सदन के रूप में कार्य करती है। सदन में उठाए गए प्रश्नों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने में यह समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है तथा लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान प्राथमिक रूप से जिला स्तर पर ही होना चाहिए।
डीएम बांदा ने अवगत कराया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त 2404 संदर्भों के सापेक्ष 2403 का निस्तारण कर दिया गया है। शेष एक प्रकरण का निस्तारण शीघ्र कर लिया जाएगा। सभापति ने सिंचाई विभाग बांदा द्वारा किए गए डेटा आधारित निस्तारण एवं उसकी सूचना जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की सराहना की। बैठक में अधिशासी अभियंता निर्माण खंड, उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर संसदीय अध्ययन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को एक जनपद एक उत्पाद के अंतर्गत निर्मित जनपद का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। डीएम पुलकित गर्ग ने संसदीय अध्ययन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में समिति के अनुसचिव विनोद यादव, समीक्षा अधिकारी सौरभ दीक्षित, अपर निजी सचिव अभिनव यादव, बृजेश यादव सहित चित्रकूट एवं बांदा जनपदों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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