बाँदा : इंसानियत को शर्मसार करने वाले चौकी इंचार्ज समेत सात पर FIR दर्ज चौकी के अंदर युवक को पिलाई पेशाब, हाथ की उंगलियां तोड़ दी
पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी पप्पू उर्फ श्रवण कुमार पुत्र शिव नायक के प्रार्थना पत्र पर अदालत के आदेश से खप्टिहाकला चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के...
बांदा। पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव निवासी पप्पू उर्फ श्रवण कुमार पुत्र शिव नायक के प्रार्थना पत्र पर अदालत के आदेश से खप्टिहाकला चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के विरुद्ध दंगा करने, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने सहित पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया कि गांव में 25 अगस्त की रात ज्वाला पुत्र बद्री अवस्थी के यहां चोरी हुई थी, जबकि 31 अगस्त की रात पंकज पुत्र रामनरेश सिंह के यहां चोरी का प्रयास हुआ था। गांव का निवासी होने के कारण उसे इन घटनाओं की जानकारी थी। 27 अगस्त को तत्कालीन चौकी इंचार्ज खप्टिहाकला दान बहादुर पाल ने उसे पूछताछ के लिए चौकी बुलाया, जहां जांच के बाद उसे थाना पैलानी ले जाया गया। थाना प्रभारी द्वारा पूछताछ के बाद उसी रात उसे घर छोड़ दिया गया।
आरोप है कि 1 सितंबर की सुबह करीब छह बजे गांव के दबंग रामरूप सिंह, भैया पुत्र रामगुलाम, पंकज पुत्र रामनरेश सिंह, ज्वाला पुत्र बोद्दा, विद्याधर और सुनील पुत्र चुनकौना ने साजिश के तहत उसे और उसकी पत्नी हीरा को अपने घर बुलाया। वहां गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट की गई और चोरी कबूल कराने का दबाव बनाया गया। जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित के अनुसार, उसी दिन सुबह आठ बजे पुलिस 112 को सूचना दी गई। पुलिस उसे चौकी ले गई, जहां उसकी पत्नी व मां कुसुमा भी पहुंचीं। आरोप है कि चौकी इंचार्ज हरि शरण सिंह ने अभियुक्तों से पैसे लेकर उनके सामने ही पीड़ित के साथ लात, जूते, थप्पड़ और डंडों से मारपीट की। चोरी कबूल करने और कथित चोरी का सामान वापस करने का दबाव बनाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसका दाहिना हाथ पकड़कर दो उंगलियां तोड़ दी गईं। इतना ही नहीं, इंसानियत को शर्मसार करते हुए अभियुक्तों से पेशाब कराकर जबरन पिलाने का आरोप भी लगाया गया। साथ ही धमकी दी गई कि यदि शिकायत की तो फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा या एनकाउंटर कर दिया जाएगा। इस पूरी घटना के गवाह उसकी पत्नी और मां हैं।
पीड़ित ने बताया कि 3 सितंबर को दोबारा चौकी बुलाया गया और बाद में कालेश्वर तिराहे पर चौकी इंचार्ज ने फिर धमकी दी। भयभीत होकर उसने थाना अध्यक्ष, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र व रजिस्ट्री के माध्यम से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 11 सितंबर 2025 को जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया, जहां एक्स-रे में दाहिने हाथ की दो उंगलियां टूटी पाई गईं।
थाना प्रभारी पैलानी राजेश वर्मा ने बताया कि अदालत के आदेश पर खप्टिहाकला चौकी इंचार्ज हरि शरण सिंह समेत रामरूप सिंह, भैया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर और सुनील के खिलाफ दंगा, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने, अचानक उकसावे पर हमला करने सहित कुल पांच धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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