झाँसी: 33वीं वाहिनी पीएसी में एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 33वीं वाहिनी पीएसी राजगढ़ में योग शिविर का आयोजन...

झाँसी: 33वीं वाहिनी पीएसी में एक दिवसीय योग शिविर का आयोजन

शरीर का दर्द ही बताता है कि उसमें जीवन है- सेनानायक के०पी० यादव
 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 33वीं वाहिनी पीएसी राजगढ़ में योग शिविर का आयोजन किया गया। भारत ने यूनाइटेड नेशंस के समक्ष यह प्रस्ताव 27 दिसंबर 2014 के दिन रखा गया था यूनाइटेड नेशंस ने योग दिवस की भूमिकाओं और मनुष्य के लिए इसकी उपयोगिता को समझते हुए भारत का यह प्रस्ताव स्वीकार किया। जिसके बाद 2015 से प्रतिवर्ष 21 जून के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।

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 33वीं वाहिनी पीएसी में योग दिवस के अवसर पर योगाचार्य के रूप में कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय, श्री रामचंद्र मिशन और हैल्थफुलनेस इंस्टीट्यूट झाँसी से अनिल कुमार शर्मा, उमाशंकर शर्मा, डॉक्टर जी.एस. त्रिपाठी एवं संतोष कुमार द्विवेदी उपस्थित रहे, जहाँ पीएसी में उपस्थित अधिकारियों और जवानों को विभिन्न योगों का अभ्यास कराया गया एवं जीवन में योग के महत्व को समझाया।

   

 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित सेनानायक के पी यादव ने कहा हमारे जीवन में योग का विशेष महत्व है हमें नियमित योगाभ्यास करना चाहिए हमारे शरीर का दर्द ही यह इंगित करता है कि शरीर में जान है। योग एक साधना है जिसे 1 या 2 दिन में पूर्ण नहीं किया जा सकता इसके लिए हमें प्रतिदिन समय निकालना होगा। आज के समय में व्यक्तिगत और पारिवारिक व्यस्तताओं के कारण आम आदमी का जीवन अस्थिर हो गया है लेकिन 24 घंटे स्वस्थ रहने के लिए हमें कम से कम 30 मिनट का समय योग के लिए अवश्य निकालना चाहिये। इस अवसर पर उप सेनानायक प्रमोद कुमार यादव, सूबेदार सैन्य सहायक अरविंद कुमार राय एवं पीएसी के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।

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