नपा बोर्ड की विशेष बैठक संपन्न, कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित
नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी बोर्ड की विशेष बैठक अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें विभिन्न कार्य योजनाओं पर विचार...
बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए सरकार से 53 करोड़ के बजट की मांग का प्रस्ताव पारित
चित्रकूट। नगर पालिका परिषद चित्रकूट धाम कर्वी बोर्ड की विशेष बैठक अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें विभिन्न कार्य योजनाओं पर विचार विमर्श हुआ और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में सबसे अहम बात यह रही की मंदाकिनी में आई बाढ़ के कारण पालिका क्षेत्र में करीब 53 करोड़ की क्षति हुई है जिसकी भरपाई के लिए नगर पालिका ने शासन को बजट आवंटन के प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चित्रकूट भ्रमण के दौरान यहां की तबाही देखी थी और सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे। बैठक में विकसित भारत के संबंध में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों को संपादित करने के लिए भी विस्तृत चर्चा हुई और उन सभी कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने अधिशासी अधिकारी को निर्देशित किया कि दीपावली दशहरा गणेश उत्सव को देखते हुए विभिन्न धार्मिक स्थलों और जहां पर देवी पंडाल लगते हैं वहां की साफ सफाई प्रकाश व्यवस्था के लिए अभी से ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने सभी सभासदों से अपेक्षा की है की बाढ़ अथवा मूसलाधार बारिश के कारण जिन लोगों के कच्चे मकान गिर गए हैं उनकी सूचना दो दिन के अंदर पालिका कार्यालय को दे दिया जाए जिसमें घर गिरने की फोटो ,पीड़ित व्यक्ति का आधार ,मोबाइल नंबर ,पासबुक होना चाहिए ताकि पीड़ित लोगों को आर्थिक मुआवजा सरकार से दिलाया जा सके और निकट भविष्य में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से भी लाभान्वित कराया जाएगा।
इसके अलावा बोर्ड में पालिका के नए कार्यालय उद्घाटन पर भी चर्चा हुई निर्णय लिया गया कि नवरात्रि के पर्व पर नए कार्यालय का उद्घाटन होगा और पुराने कार्यालय के ध्वस्तीकरण का भी प्रस्ताव पारित किया गया ।इसके अलावा टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराए जाने, रामलीला कमेटी का गठन किए जाने का भी निर्णय हुआ ।कमेटी में गैर राजनीतिक व्यक्तियों को रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।
नगर की साफ सफाई के लिए 300 सफाई कर्मचारी रखे जाने के लिए राज्य वित्त आयोग में प्रतिमाह एक करोड़ की धनराशि शासन से मांग की गई है। कर्मचारियों की कमी की वजह से नगर की साफ सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
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