तम्बाकू मुक्त कार्यालय घोषित करें अधिकारी : सीडीओ
राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ व उत्तर प्रदेश वालंटरी हेल्थ एसोसियेशन के तत्वावधान...
कार्यशाला में दिए गए निर्देश
चित्रकूट। राष्ट्रीय तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ व उत्तर प्रदेश वालंटरी हेल्थ एसोसियेशन के तत्वावधान में विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमंे मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा भूपेश द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एमसीएच विंग खोह डा ओपी भास्कर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा शैलेन्द्र कुमार, जिला विकास अधिकारी सत्यराम यादव, डा संतोष कुमार नोडल अधिकारी तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ, विवेक अवस्थी अधिशासी निदेशक उत्तर प्रदेश वालंटरी हेल्थ एसोसियेशन उत्तर प्रदेश, लखनऊ व जिले के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ सीडीओ ने फीता काटकर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि अपने स्तर से तम्बाकू मुक्त कार्यालय घोषित करें। आपस में समन्वय स्थापित करते हुये अपने कार्यालय को स्वच्छता का ध्यान दें। गुटका, खैनी, बीडी, सिगरेट, इलेक्ट्रानिक सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग न करें। तम्बाकू नियन्त्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत स्कूलों में गुटका, खैनी, बीडी, सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद की समस्त दुकानें स्कूल के सौ गज के दायरे में नहीं होनी चाहिए। यदि दुकानें पायी जाती हैं तो उन दुकानों पर कोटपा अधिनियम के अन्तर्गत 200 रूपये का आर्थिक दण्ड व कैद भी हो सकता है। इसी प्रकार उन्होेने तम्बाकू मुक्त ग्राम के लिये भी सभी ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया। नोडल अधिकारी तम्बाकू नियन्त्रण प्रकोष्ठ ने कहा कि तम्बाकू एक धीमा जहर है जो मनुष्य के समस्त अंगों पर गहरा प्रभाव छोड़ता है। जिससे मनुष्य अपनी उम्र से पहले ही वृद्ध दिखने लगता है। साथ ही उसकी कार्य करने की क्षमता भी कम होती रहती है। इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, नगर पालिका, क्रीड़ा विभाग, वन विभाग, आईसीडीएस एवं जनपद व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
