आंगनबाडी केन्द्रों का निरीक्षण कर डीएम ने देखी व्यवस्थाएं
डीएम पुलकित गर्ग ने नगर क्षेत्र कर्वी के आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र पटेल...
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कार्य में सुधार लाने के दिए गए निर्देश
चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग ने नगर क्षेत्र कर्वी के आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेन्द्र पटेल एवं प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुलदत्त तिवारी व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद लालजी यादव मौजूद रहे।
आंगनवाडी केन्द्र शत्रुध्नपुरी के निरीक्षण के दौरान आंगनवाडी सपना ने अवगत कराया कि उनके केन्द्र पर 3 से 6 वर्ष के 85 बच्चे, 16 गर्भवती एवं 19 धात्री माताएं तथा 29 किशोरियां पंजीकृत है। मौके पर 15 बच्चे व 12 महिलाएं उपस्थित रहीं। आंगनवाड़ी केन्द्र प्राइवेट भवन में संचालित है। केन्द्र में 3 सैम श्रेणी के बच्चे एवं 23 मैम श्रेणी के बच्चे पंजीकृत है। डीएम ने निर्देश दिये कि व्यक्तिगत रूचि लेते हुए सैम मैम श्रेणी के बच्चों की संख्या अतिशीघ्र शून्य की जाये। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से समन्वय कर आंगनवाडी केन्द्र को प्राथनिक विद्यालय सोनेपुर में शीघ्र स्थानान्तरित कर संचालित कराया जाये। अधिशाषी अधिकारी, नगर पालिका कर्वी को निर्देश दिये गये कि प्राथमिक विद्यालय की बाउण्ड्रीवाल को नगर पालिका कर्वी से निर्मित कराये जाने की कार्यवाही करें।
आंगनवाड़ी केन्द्र भरतपुरी के निरीक्षण के दौरान आंगनवाडी कार्यकत्री रजुली पांडेय ने बताया कि केन्द्र पर 3 से 6 वर्ष के 67 बच्चे, 9 गर्भवती एवं 6 धात्री माताएं तथा 19 किशोरियां पंजीकृत है। मौके पर 10 बच्चे व 6 महिलाएं उपस्थित थी। आंगनवाड़ी केन्द्र प्राइवेट भवन के एक कहा में संचालित है। केन्द्र में एक सैम, एक मैम श्रेणी का बच्चा पंजीकृत है। आंगनवाडी कार्यकत्री को निर्देशित किया कि अपनी कार्यशौली में सुधार लाये तथा कलेण्डर के अनुसार प्रत्येक दिवस गतिविधयॉ आयोजित कराई जायं। अन्यथा नियमानुसार अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इसी प्रकार आंगनवाड़ी केन्द्र अम्बिकाकुंज का निरीक्षण कर निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि गतिविधियों का आयोजन कराया जाये। साथ ही जनपद में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आधारभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति एक सप्ताह के अन्दर पोषण ट्रैकर ऐप पर फीड कराकर अवगत करायें। अन्यथा की स्थिति में वेतन अवरूद्ध किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से समन्वय करते हुए प्राईवेट भवनों में संचालित आंगनवाडी केन्द्रों को निकट के प्राथमिक विद्यालयों से मैपिंग कराकर उनका संवालन विद्यालयों में कराया जाये।
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