हाईटेक इंटरसेप्टर वाहन से होगी यातायात नियमों की डिजिटल निगरानी, सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बांदा पुलिस ने गुरुवार को महत्वपूर्ण...
बांदा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बांदा पुलिस ने गुरुवार को महत्वपूर्ण पहल की। अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने सिविल लाइंस चौकी परिसर से अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही जनपद में हाईटेक ट्रैफिक मॉनिटरिंग व्यवस्था का औपचारिक शुभारंभ हो गया।
यह इंटरसेप्टर वाहन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित प्रमुख मार्गों पर ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, रॉन्ग साइड ड्राइविंग तथा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चौबीसों घंटे डिजिटल निगरानी रखेगा। प्रदेश सरकार की सड़क सुरक्षा नीति के तहत शुरू की गई यह व्यवस्था सड़क अनुशासन को मजबूत करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस वाहन में स्पीड डिटेक्शन रडार, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, ब्रीथ एनालाइजर और ई-चालान प्रणाली स्थापित की गई है। स्पीड रडार निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार वाले वाहनों की तुरंत पहचान करेगा, जबकि हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगभग 250 मीटर से एक किलोमीटर तक की दूरी से वाहन की नंबर प्लेट रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध डिजिटल माध्यम से ई-चालान जारी किया जाएगा।
वाहन में लगे ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की मौके पर ही जांच की जाएगी। इसके अलावा रॉन्ग साइड ड्राइविंग, लापरवाही से वाहन संचालन एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्राधिकारी यातायात सौरभ सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों का पालन अधिक प्रभावी ढंग से कराया जा सकेगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात अनुशासन मजबूत होगा और आम नागरिकों को सुरक्षित यात्रा का बेहतर वातावरण मिलेगा।
यातायात प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह एवं टीएसआई त्रिलोकी नाथ पांडेय ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन के संचालन से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होने से प्रवर्तन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनेगी।
कार्यक्रम में सिविल लाइंस चौकी प्रभारी आशुतोष पांडेय, जिला सड़क सुरक्षा समन्वयक समिति के सदस्य सुनील सक्सेना, उपनिरीक्षक दीपक कुमार चौधरी, शहर के वरिष्ठ नागरिकों के साथ पुलिस एवं यातायात विभाग के अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। हरी झंडी मिलने के बाद इंटरसेप्टर वाहन अपने पहले अभियान के लिए रवाना हो गया।
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