गणतंत्र उत्सव में रासायनिक खेती से मुक्ति पर हुआ संवाद
माधोपुर (बांदा) खेती फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान के खेत में विशेष गणतंत्र...
बांदा। माधोपुर (बांदा) खेती फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान के खेत में विशेष गणतंत्र उत्सव एवं किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को राष्ट्रीय उत्सव से जोड़ना तथा रासायनिक खेती से मुक्ति दिलाकर प्राकृतिक एवं आवर्तनशील खेती की ओर प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर संजीवनी भारत ट्रस्ट, बांदा, गायत्री परिवार, बांदा एवं मानस जनकल्याण समिति, बांदा के प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों से जोड़ा। कार्यक्रम के दौरान किसानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए पाँच किसानों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। उत्तम सिंह आवर्तनशील खेती के लिए पुन्ना निषाद — जल संरक्षण हेतु रज्जू सिंह (पंडुई) विद्याधर पाल एवं लल्लू पाल (माधोपुर) शामिल रहे। गायत्री परिवार के नवीन निगम ने किसान समृद्धि का आधार आवर्तनशील खेती बताते हुए परिवारों में संस्कारवान जीवन पद्धति अपनाने पर बल दिया।शैलेंद्र सिंह बुंदेला ने प्राकृतिक खाद के उपयोग की आवश्यकता बताते हुए प्रकृति को देवतुल्य मानकर उसके संरक्षण की बात कही।
मानस जनकल्याण समिति के नीरज निगम ने किसानों के कार्यों की सराहना की। संजीवनी भारत ट्रस्ट के सचिव अरुण निगम ने किसानों के प्रयासों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसान ही प्रकृति का संरक्षण एवं संवर्धन कर सकता है उन्होंने कहा जो किसान आवर्तनशील खेती के पाँच सूत्रों का पालन करेगा, उसे अगले वर्ष बड़े मंच पर सम्मानित किया जाएगा।
किसान नवल किशोर द्विवेदी ने किसानों को जीवामृत, संजीवनी खाद एवं बायो-एंजाइम बनाने की विधि का प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम का संचालन पंकज बागवान ने किया। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच राष्ट्रीय उत्सव मनाने का उद्देश्य उन्हें यह याद दिलाना है कि वे राष्ट्रीय कार्य कर रहे हैं। इसलिए किसानी को राष्ट्रीय कार्य घोषित किया जाना चाहिए।
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