फाइलेरिया उन्मूलन की ओर बढ़ते कदम; सीएमओ ने मरीजों को बांटी एमएमडीपी किट
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के सभागार में एक विशेष कैंप...
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लगा विशेष कैंप, हाथीपांव के मरीजों को सिखाए बचाव के गुर
बांदा। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के सभागार में एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। डॉ. विजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में फाइलेरिया (हाथीपांव) से ग्रसित मरीजों को 'मोर्विडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी मैनेजमेंट' (MMDP) किट वितरित की गई।
मरीजों को मिली राहत की किट
शिविर के दौरान शहरी क्षेत्र बांदा के 25 हाथीपांव रोगियों को सीएमओ द्वारा किट प्रदान की गई। डॉ. सिंह ने मरीजों को प्रभावित अंगों की सुरक्षा और साफ-सफाई के विशेष उपाय बताए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनपद में कुल 797 फाइलेरिया रोगी चिन्हित हैं, जिन्हें इस वर्ष चरणबद्ध तरीके से एमएमडीपी किट का वितरण किया जाना है।
सावधानी ही बचाव: मच्छरदानी और सफाई पर जोर
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (VBD) डॉ. आर.एन. प्रसाद ने रोग के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह बीमारी मच्छर के काटने से फैलती है। इसमें हाथ, पैर, अंडकोष और स्तन का आकार सामान्य से काफी बढ़ जाता है। उन्होंने बचाव के तरीके साझा करते हुए कहा:
- सोते समय हमेशा मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- घर के आसपास जलभराव न होने दें और साफ-सफाई रखें।
- बीमारी होने पर नियमित दवा का सेवन करें और परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच कराएं।
- निःशुल्क जांच की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने सूचित किया है कि फाइलेरिया की जांच प्रत्येक मंगलवार को शाम 7:30 बजे के बाद सीएमओ परिसर स्थित मलेरिया लैब में निःशुल्क की जाती है।
उपस्थिति
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय शंकर केशरवानी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (NHM) कुशल यादव, सहायक मलेरिया अधिकारी विजय बहादुर, बायोलॉजिस्ट अतुल कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार प्रदीप कुमार सहित फाइलेरिया निरीक्षक गोपाल यादव, दिलीप कुमार सिंह, सूरज खिरिया और भानू प्रताप सिंह उपस्थित रहे।
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