ऐसा न होता तो मासूम सहित परिवार के 5 लोग फांसी पर न झूलते...

टीकमगढ़ के खरगापुर तहसील में अगर सोनी परिवार के साथ धोखाधड़ी करके उन्हें बेशकीमती जमीन बेचने पर मजबूर न किया जाता और जमीन लेने के बाद 16 लाख कम ना दिए जाते तो परिवार के 5 लोगों को एक साथ आत्महत्या करने के लिए मजबूर न होना पड़ता ...

ऐसा न होता तो मासूम सहित परिवार के 5 लोग फांसी पर न झूलते...

पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया कि थाना खरगापुर अंतर्गत रविवार को 60 वर्षीय धर्मदास सोनी, उनकी पत्नी पूना सोनी, बेटा मनोहर सोनी, बहू सोनम सोनी और पोते सानिध्य सोनी का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। इस मामले में मुकदमा कायम कर जांच की गयी। मौके पर पुलिस को दो सुसाइड नोट मिले। एक सुसाइड नोट धर्मदास और दूसरा बेटे मनोहर ने लिखा था।

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पुलिस ने मौके पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर दावा किया कि आरोपितों ने सोनी परिवार को बेशकीमती जमीन बेचने पर मजबूर किया, इसके अलावा धोखाधड़ी कर सौदे में 16 लाख रुपए कम दिए गए। इसी कारण मासूम बच्चे सहित पूरे परिवार का यह कदम उठाना पड़ा।

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इसमें आरोपितों के नाम का उल्लेख कर लिखा गया है कि शमसान घाट से सटी उनकी बेशकीमत जमीन को बेचने के लिए परिवार को मजबूर किया गया। इसमें परिवार को करीबन 16 लाख रुपए का नुकसान हुआ। इसी वजह से सभी ने मानसिक रूप से प्रताड़ित होने पर परिवार सहित आत्महत्या कर ली।

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पुलिस ने जमीन के मुख्य खरीदार रामेश्वर जड़िया के अलावा प्रेम लाल साहू ,विजय सोनी ,अरविंद सोनी, रूपा सोनी,अजय सोनी, कु. पूजा सोनी, राजेंद्र सोनी एवं कौशल किशोर सोनी द्वारा आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया है।पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि आरोपितों में कुछ लोग सोनी परिवार के रिश्तेदार भी है। जमीन 1 करोड़ 10 लाख की बेची गई थी, जिसमें से सोनी परिवार को 18 लाख मिले थे।