राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बाँदा में जीवन रक्षक 'CPR' प्रशिक्षण का आयोजन

राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (REC), बांदा में हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) जैसी आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से...

Apr 8, 2026 - 15:21
Apr 8, 2026 - 15:23
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राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, बाँदा में जीवन रक्षक 'CPR' प्रशिक्षण का आयोजन

आपातकालीन स्थिति में जान बचाने के लिए छात्रों और स्टाफ ने सीखे गुर, ऑनलाइन भी जुड़े सैकड़ों लोग

बांदा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (REC), बांदा में हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) जैसी आपातकालीन स्थितियों में लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। संस्थान के कुलसचिव डॉ. आशुतोष तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ को जीवन रक्षक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देना था।

एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने बताए बारीकियां

कार्यक्रम का शुभारंभ रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर (एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर) डॉ. प्रिया दीक्षित द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि सीपीआर एक ऐसी तकनीक है जो सांस या दिल की धड़कन रुकने पर किसी व्यक्ति के मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचाने और रक्त संचार बनाए रखने में मदद करती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी की जान बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

प्रशिक्षण के मुख्य चरण: कैसे बचाएं जान?

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सीपीआर की सही प्रक्रिया को विस्तार से समझाया:

  • स्थिति की जांच: सबसे पहले देखें कि व्यक्ति सुरक्षित है और प्रतिक्रिया दे रहा है या नहीं।
  • मदद बुलाएं: तुरंत इमरजेंसी नंबर 108/112 पर कॉल करें।
  • चेस्ट कंप्रेशन: छाती के बीच में 100–120 बार प्रति मिनट की दर से दबाव दें।
  • सांस और चक्र: 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार रेस्क्यू ब्रीदिंग (सांस) दें। यह 30:2 का चक्र तब तक जारी रखें जब तक मदद न मिल जाए।
  • AED: यदि उपलब्ध हो, तो ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर का उपयोग करें।

व्यावहारिक डेमो और डिजिटल पहुंच

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को पुतले (मेनेक्विन) पर डेमो और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने भी भाग लिया। विशेष बात यह रही कि इसे YouTube पर लाइव प्रसारित किया गया, जिससे अन्य शिक्षण संस्थानों के छात्र और शिक्षक भी ऑनलाइन जुड़ सके।

गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री तरुण खरे, डॉ. सोमेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। साथ ही डॉ. सी.एल. उपाध्याय, डॉ. अर्चना सिंह, डॉ. अनुराग चौहान, प्रो. दीप सिंह ठाकुर, प्रो. अंकुश राजपूत सहित शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गान के साथ हुआ। अंत में कुलसचिव डॉ. तिवारी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

"यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक और जीवनरक्षक कौशल से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।"
— डॉ. आशुतोष तिवारी, कुलसचिव

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