कथा व्यास ने बाराह अवतार, ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई
राजापुर के ग्राम पंचायत सिकरी में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन यजमान विजयपाल सिंह व हेमराज सिंह सहित पूरे परिवार को प्रयागराज...
बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कथा बिना सुलभ न होई
चित्रकूट। राजापुर के ग्राम पंचायत सिकरी में श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन यजमान विजयपाल सिंह व हेमराज सिंह सहित पूरे परिवार को प्रयागराज से आए कथा व्यास बालकृष्ण भार्गव महाराज ने शुकदेव भगवान के आगमन की कथा के साथ सत्संग भक्ति का उदाहरण देते हुए कहा बिनू सत्संग विवेक न होई राम कथा बिना सुलभ न होई बिना हरि की कृपा की सत्संग सुलभ नहीं होता है। जब प्रभु की कृपा मानव जीवन को सफल बनाने के लिए सत्संग में पहुंचने की प्रेरणा देते हैं और सृष्टि प्रकरण विदुर का चरित्र बाराह अवतार की कथा एवं कपिल देवहूति का चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र की कथा सुनाते हुए बताया की पांच वर्ष का बालक अपने पिता उत्तानपाद की गोद में बैठने की इच्छा जताई कि सौतेली मां सुरिचि ने बालक को हटाते हुए कहा है कि राजा की गोद में वहीं बालक बैठ सकता है जो मेरी कोख से जन्म लिया हो मां का तिरस्कार देखकर बालक अपनी मां सुनीति के पास रोते-रोते मां से सारा दृष्टांत बताया मां ने कहा कि सौतेली मां ने तुझे भगवान की जो सबसे बड़ी गोद होती है उसमें बैठने के लिए ज्ञान भक्ति का मार्ग बताया है। भक्ति की कोई आयु की सीमा नहीं होती। इसलिए भगवान की भक्ति बचपन से ही सब को करनी चाहिए। कथा के प्रमुख आयोजक विजय पाल सिंह, हेमराज सिंह, पुष्पराज सिंह, हरिश्चंद्र सिंह, रामनिवास सिंह, मनोज सिंह सहित श्रोतागण मौजूद रहे।
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