रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
कस्बा कुरारा में शिशु मंदिर के समीप उषारानी एवं राजेंद्र पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के छठवें दिन...
श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन आचार्य रामनरेश जी महाराज ने कराया कथा रसपान
कुरारा/हमीरपुर। कस्बा कुरारा में शिशु मंदिर के समीप उषारानी एवं राजेंद्र पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के छठवें दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा वाचन के लिए औरैया से पधारे आचार्य रामनरेश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाकर उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
आचार्य रामनरेश जी महाराज ने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन ही मन अपना पति स्वीकार कर लिया था, लेकिन उनके बड़े भाई रुक्मी भगवान श्रीकृष्ण से शत्रुता रखते थे। इसी कारण उन्होंने रुक्मिणी का विवाह राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से तय कर दिया।
जब रुक्मिणी को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण को अपना संदेश भेजा। संदेश में रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण के प्रति अपने प्रेम का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि उनसे विवाह नहीं हुआ तो वह अपने प्राण त्याग देंगी।
आचार्य ने बताया कि रुक्मिणी का संदेश प्राप्त होते ही भगवान श्रीकृष्ण वहां पहुंचे और शिशुपाल व उसके सहयोगियों को युद्ध में पराजित कर रुक्मिणी को अपने साथ द्वारका ले गए, जहां विधि-विधान से उनका विवाह संपन्न हुआ।
कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनकर भक्तिमय वातावरण में डूबे रहे। कार्यक्रम में परीक्षित उषारानी, राजेंद्र पांडेय, बीएन द्विवेदी, प्रतिमा अवस्थी, केके द्विवेदी सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।
राहुल पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 मई को कथा का अंतिम दिवस होगा, जिसमें विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
रिपोर्ट : अखिलेश सिंह गौर, (कुरारा) हमीरपुर...
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