रेलवे ट्रैक पर पत्थरबाजी और रील बनाने वालों की अब खैर नहीं, पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान
बांदा-अतर्रा रेल खंड पर ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल और सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा...
बांदा/अतर्रा। बांदा-अतर्रा रेल खंड पर ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल और सिविल पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को रेलवे लाइन के किनारे बसे गांवों में सघन जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को कड़ी विधिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ की समन्वय बैठक
झांसी अनुभाग के एसआरपी (SRP) विपुल कुमार श्रीवास्तव एवं सीओ जीआरपी सलीम खान के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। सीओ अतर्रा प्रवीण कुमार और आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने सिमरिया मृदाह व आसपास के गांवों में ग्राम प्रधानों और संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक की।
इन विषयों पर दी गई सख्त हिदायत:
पत्थरबाजी पर रोक: चलती ट्रेनों पर पत्थर मारना या पटरी पर शरारतवश पत्थर रखना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रील बनाने पर पाबंदी: रेलवे ट्रैक पर रील बनाने या सेल्फी लेने के बढ़ते चलन को देखते हुए अधिकारियों ने इस पर सख्त नाराजगी जताई और इसे जानलेवा बताते हुए सख्त हिदायत दी।
पशुओं और बच्चों की सुरक्षा: ग्रामीणों को समझाया गया कि वे अपने पशुओं और बच्चों को रेलवे लाइन से दूर रखें और अनाधिकृत रूप से ट्रैक पार (ट्रै trespass) न करें।
सुरक्षा में सहयोग: किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवांछनीय व्यक्ति के दिखने पर तत्काल आरपीएफ, जीआरपी या सिविल पुलिस को सूचित करने का निर्देश दिया गया।
हेल्पलाइन नंबर 139 का प्रचार
अभियान के दौरान रेलवे की केंद्रीकृत हेल्पलाइन संख्या 139 के महत्व को बताया गया। अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में इस नंबर का प्रयोग करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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