खेती पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के बताए गए तरीके
विकास पथ सेवा संस्थान की ओर से मुकुंदपुर गांव में महिला किसानों के साथ कृषि आधारित जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया...
जागरुकता बैठक कर ग्रामीणों को दी गई जानकारी
चित्रकूट। विकास पथ सेवा संस्थान की ओर से मुकुंदपुर गांव में महिला किसानों के साथ कृषि आधारित जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए प्राकृतिक खेती, कम लागत वाली फसलों एवं आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. प्रभाकर सिंह ने महिला किसानों को प्राकृतिक खेती की विधियों, जैविक कीटनाशकों के उपयोग तथा उनके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जहां उत्पादन लागत कम होती है वहीं पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होती है। डॉ. सिंह ने बताया कि रबी फसलों में ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई को अपनाकर जल संरक्षण किया जा सकता है। साथ ही सरकार की योजनाओं जैसे सोलर पंप, सोलर रूफटॉप आदि का लाभ लेकर किसान जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इच्छुक किसानों को संस्थान की ओर से आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में किचन गार्डन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि घर में सब्जियों का उत्पादन कर परिवार को पौष्टिक आहार मिल सकता है वहीं अतिरिक्त उत्पादन को बेचकर या पड़ोसियों को देकर आय का साधन भी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर विकास पथ सेवा संस्थान के पदाधिकारी डॉ. विकास सिंह, प्रमोद कुमार पटेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में हेल्थ एंड न्यूट्रिशन सपोर्ट प्रोग्राम के तहत प्रतिभागियों को फ्रूट जूस का वितरण किया गया।
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