कानपुर से बुंदेलखंड की राह होगी आसान, 41 किमी लंबा फोरलेन कॉरिडोर बनाने की तैयारी
दोआबा के विकास को नई रफ्तार देने वाली करीब 600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना पर काम आगे बढ़ गया है। शासन ने पहुर तिराहे...
फतेहपुर में 600 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली रफ्तार
पहुर तिराहे से चिल्ला पुल तक बनेगा 41 किमी लंबा फोरलेन नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर
फतेहपुर। दोआबा के विकास को नई रफ्तार देने वाली करीब 600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना पर काम आगे बढ़ गया है। शासन ने पहुर तिराहे से चिल्ला पुल तक करीब 41 किलोमीटर लंबे फोरलेन नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से विस्तृत एस्टीमेट मांगा है।
प्रस्तावित फोरलेन चौडगरा-बिंदकी मार्ग के पहुर तिराहे से शुरू होकर बिंदकी बाईपास होते हुए बांदा-सागर मार्ग के चिल्ला पुल तक पहुंचेगा। परियोजना पूरी होने के बाद फतेहपुर से कानपुर और बुंदेलखंड के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है।
40 मीटर चौड़ी पट्टी में भूमि अधिग्रहण की तैयारी
परियोजना के तहत सड़क के लिए करीब 40 मीटर चौड़ी पट्टी में भूमि अधिग्रहण किए जाने की तैयारी है। इसके बाद मार्ग को आधुनिक फोरलेन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे भारी वाहनों के साथ सामान्य यातायात को भी बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
बिंदकी बन सकता है बड़ा व्यापारिक और लॉजिस्टिक केंद्र
फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण से बिंदकी क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश बढ़ सकता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
परियोजना के पूरा होने से जाम की समस्या कम होने, यात्रा समय घटने और कानपुर-बुंदेलखंड के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पीडब्ल्यूडी तैयार कर रहा एस्टीमेट
लोक निर्माण विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर ए.के. गुप्ता के अनुसार शासन ने परियोजना का विस्तृत एस्टीमेट मांगा है। इसमें लागत, भूमि अधिग्रहण और निर्माण से संबंधित विवरण तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
परियोजना की प्रमुख बातें
- कुल लंबाई: करीब 41 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: करीब 600 करोड़ रुपये
- मार्ग: फोरलेन नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर
- प्रारंभिक बिंदु: पहुर तिराहा, चौडगरा-बिंदकी रोड
- समापन बिंदु: चिल्ला पुल, बांदा-सागर मार्ग
- भूमि अधिग्रहण: करीब 40 मीटर चौड़ी पट्टी
यह परियोजना आकार लेती है तो फतेहपुर-कानपुर और बुंदेलखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिल सकती है। साथ ही बिंदकी क्षेत्र के व्यापार और परिवहन गतिविधियों के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
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