पी.एम. श्री राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ विशेष जागरूकता सत्र, छात्रों को दिए गए स्टार्टअप और नवाचार के टिप्स
स्थानीय पी.एम. श्री राजकीय इंटर कॉलेज में बुधवार को कालीचरण निगम इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बांदा के सहयोग से एक विशेष जागरूकता...
कालीचरण निगम इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञों ने छात्रों को ‘इनोवेशन’ और ‘एंटप्रेन्योरशिप’ के बारे में दी विस्तृत जानकारी।
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती पूनम श्रीवास्तव ने किया सत्र का शुभारंभ, छात्रों से रचनात्मक सोच विकसित करने का आह्वान।
स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) द्वारा आयोजित गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किए गए विद्यार्थी।
बांदा। स्थानीय पी.एम. श्री राजकीय इंटर कॉलेज में बुधवार को कालीचरण निगम इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बांदा के सहयोग से एक विशेष जागरूकता एवं प्रेरणात्मक सत्र का आयोजन किया गया। स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) द्वारा DICE कार्यक्रम के तहत आयोजित इस सत्र का मुख्य विषय ‘Invention एवं Developing Entrepreneurial Skills’ (आविष्कार और उद्यमिता कौशल विकास) रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती पूनम श्रीवास्तव ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने छात्रों को नवीन विचारों, रचनात्मक सोच (Creative Thinking) और समस्या-समाधान (Problem Solving) की क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
नए विचारों को स्टार्टअप में बदलने का पाठ
सत्र के दौरान वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. मनीष एवं डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने छात्रों को व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने समझाया कि किस प्रकार किसी नए और उपयोगी विचार को परिष्कृत कर उसे एक सफल ‘इनोवेशन’ और ‘स्टार्टअप’ के रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान युग में नवाचार (Innovation) केवल एक विचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में नए अवसरों और एक बेहतर करियर के निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम बन सकता है। छात्रों को अपनी मौलिक सोच और इनोवेटिव आइडियाज को बिना झिझक के सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता पर जोर
इस अवसर पर छात्रों को विद्यालय की स्कूल इनोवेशन काउंसिल (SIC) द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों, प्रतियोगिताओं, ‘आइडियाथॉन’ और अन्य कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रों को यह भी सिखाया गया कि वे अपने नए विचारों को विद्यालय के मंच पर प्रस्तुत कर अपनी छिपी हुई प्रतिभा को कैसे निखार सकते हैं।
यह सत्र छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और भविष्य के उज्ज्वल अवसरों के प्रति जागरूकता पैदा करने में बेहद उपयोगी साबित हुआ। सत्र के अंत तक छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की।
इस कार्यक्रम के दौरान श्री घनश्याम गुप्ता, महेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती ऋचा निगम, श्रीमती नीलम रानी, श्रीमती सीमा देवी और अब्दुल रहमान सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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