अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर पर्यावरण संरक्षण एवं बाघ संवर्द्धन का दिया गया संदेश
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर रानीपुर टाइगर रिजर्व द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार, वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान...
पर्यावरण संरक्षण एवं पारिस्थितिकी संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है बाघ: मंत्री
प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राएं सम्मानित
चित्रकूट। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर रानीपुर टाइगर रिजर्व द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्वतंत्र प्रभार, वन, पर्यावरण, जंतु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग राज्य मंत्री केपी मलिक ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इस अवसर पर जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विवि के कुलपति शिशिर कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वैमटी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रोजेक्ट टाइगर राजकुमार तथा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सामाजिक वानिकी दीपक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर रानीपुर टाइगर रिजर्व के ’लोगों’ व वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मंत्री ने एक जनपद एक उत्पाद तथा अन्य विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। तत्पश्चात उपस्थित विशिष्ट अतिथियों का पौध भेंट कर सम्मान किया गया। दीक्षा एवं प्रतीक्षा ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।
मंत्री ने कहा कि बाघ केवल जंगल का राजा ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं पारिस्थितिकी संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि यदि बाघ सुरक्षित हैं तो जंगल, नदियाँ, जैव विविधता तथा मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य“ की भावना के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। कुलपति शिशिर कुमार पाण्डेय ने कहा कि मनुष्य यदि वन्य जीवों के प्रति प्रेम एवं संवेदनशीलता का भाव रखे तो प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण एवं वन्यजीव संरक्षण में सहभागिता निभाने का आग्रह किया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने कहा कि रानीपुर टाइगर रिजर्व पूर्व में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में जाना जाता था। उन्होंने बाघ संरक्षण के लिए वन्यजीव गलियारों के विकास एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट टाइगर के प्रभावी क्रियान्वयन से देश में बाघों के संरक्षण को नई दिशा मिली है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वैमटी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस का उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने सभी से प्लास्टिक एवं पॉलीथीन के उपयोग से बचने तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान रानीपुर टाइगर रिजर्व के गठन एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व प्रभागीय वनाधिकारियों शेष नारायण मिश्रा, कार्तिक कुमार सिंह, आरके दीक्षित, पीके त्रिपाठी एवं एनके सिंह को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र, छात्राओं को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह एवं पदक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि गुप्ता, अपर प्रभागीय वनाधिकारी राजीव रंजन सिंह, जिला परियोजना अधिकारी गोपाल गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
