शिक्षा को रोजगारोन्मुख, गुणवत्तापूर्ण तथा पारदर्शी बनाए : सभापति
सभापति डॉ धमेन्द्र सिंह के सभापतित्व व विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, चन्द्र शर्मा, डॉ बाबूलाल तिवारी, मान सिंह यादव की उपस्थिति में चित्रकूट...
चित्रकूट, बांदा, महोबा व हमीरपुर के अधिकारियों के साथ समति ने की बैठक
चित्रकूट। सभापति डॉ धमेन्द्र सिंह के सभापतित्व व विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, चन्द्र शर्मा, डॉ बाबूलाल तिवारी, मान सिंह यादव की उपस्थिति में चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर के साथ उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ’शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति’ की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
बैठक में डीएम पुलकित गर्ग, महोबा गजल भारद्वाज, बादा जे रीभा, हमीरपुर चंद्र मोहन गर्ग ने विधान परिषद सदस्य को पुष्प गुच्छ एक जनपद एक उत्पाद से बने मुर्ति एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बैठक में शिक्षा को रोजगारपरक, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में विधान परिषद की जांच समिति की सक्रिय पहल की गयी। शिक्षा को रोजगारोन्मुख, गुणवत्तापूर्ण तथा पारदर्शी बनाए जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नियमित रूप से समीक्षा की जा रही हैं। इसी क्रम में मण्डल बादा के सभी जनपदों में इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आईटीआई एवं अन्य शिक्षण संस्थानों की कार्य प्रणाली की गहन समीक्षा की गई। सभापति ने कहा कि समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करे। जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें तथा समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दे सकें।
बैठक में कहा गया कि इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट एवं आईटीआई कॉलेजों में निर्धारित फीस, हॉस्टल एवं परिवहन शुल्क की पारदर्शिता के साथ व शासन के नियमानुसार ही फीस लिया जाए। छात्र छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटनाओं की स्थिति में उपलब्ध चिकित्सा सुविधा एवं फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाये। नरैनी पॉलिटेक्निक कॉलेज में हुए आत्महत्या एवं सड़क दुर्घटना के शिकार सौरव व आशीष कुमार को उचित मुआवजा के लिए भी निर्देशित किया। सभापति ने कहा कि बिना मान्यता के संचालित शिक्षण संस्थानों, मदरसों एवं अवैध शाखाओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किया जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी मदरसा बिना मान्यता के नहीं चल सकते। उन्होंने अल्पसंख्यक अधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अंदर मदरसा का विधिवत जाँच कराकर समिति के समक्ष उपस्थित हो।
सभापति ने सभी विद्यालय बसों की सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्थिति, परमिट एवं अन्य वैधानिक दस्तावेजों की जांच करने को निर्देशित किए उन्होंने कहा कि टैम्पू टैक्सी स्कूल में नहीं चलना चाहिए एवं यह भी कहा कि सभी विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन होना चाहिए यह सुनिश्चित कराएं। सभी जिला अधिकारियों से कहा कि वास्तविक गरीब का ही प्रमाण पत्र बनना चाहिए। कहा कि किसी अपात्र का नहीं बनें। जिलाधिकारी चित्रकूट से कहा कि जनपद में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है। मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें। इसमें समिति द्वारा सहयोग किया जाएगा। कहा कि परिक्रमा मार्ग पर साउंड की व्यवस्था अच्छी हो एवं मार्ग पर चिकित्सा स्वास्थ्य की सुविधाएं भी उपलब्ध होना चाहिए। छात्रवृत्ति वितरण की स्थिति तथा शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को देय बीमा एवं अन्य वैधानिक लाभों का अनुपालन शत प्रतिशत होना चाहिए। ेआरसेटी महोबा के प्रचार्य के बैठक में न उपस्थित होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सभापति ने समीक्षा उपरांत संबंधित अधिकारियों एवं विभागों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करते हुये कहा कि यह अपेक्षा की जाती है कि सभी शिक्षण संस्थान शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करेगे। कहा कि समिति का यह सतत प्रयास है कि शिक्षा प्रणाली को व्यावसायिक कौशल से जोड़ते हुए उसे एक सुव्यवस्थित, उत्तरदायी एवं वैध ढांचे में विकसित किया जाए। जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं समाज का विश्वास शिक्षा व्यवस्था पर सुदृढ़ हो सके।
इस अवसर पर मंडल के सभी जिलाधिकारियों द्वारा सभापति व सदस्य का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि समिति ने जो दिशा निर्देश दिए हैं उसका अक्षरशः अपनी टीम के साथ पालन किया जाएगा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, अनुसचिव सुनील कुमार, समीक्षा अधिकारी शलभ द्विवेदी, अपर निजी सचिव आशीष सिंह, प्रतिवेदक अभय सिंह सहित चारों जनपदों के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
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