लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद निस्तारण पर जोर
आगामी 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला...
प्रशासनिक अधिकारियों की दूसरे चरण की हुई बैठक
चित्रकूट। आगामी 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला की अध्यक्षता एवं एडीजे एफटीसी राममणि पाठक, सिविल जज सचिन कुमार दीक्षित, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चौधरी की उपस्थिति में जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों की द्वितीय चरण की बैठक सम्पन्न हुयी।
सचिव ने बताया कि जनपद न्यायाधीश द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर निस्तारण पर जोर दिया है। राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक वाद, धारा-138 एनआई एक्ट, मोटर एक्सीडेंट क्लेम वाद, श्रम वाद, बैंक वसूली वाद, विद्युत अधिनियम और जल वाद, सर्विस मैटर्स, पारिवारिक, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण वाद, राजस्व, चकबन्दी वाद, किरायेदारी वाद, सुखाधिकार वाद, स्थायी निषेधाज्ञा व सिविल वाद, मनी वसूली वाद, विनिर्दिष्ट अनुतोष वाद, मोटर वाहन ई-चालान, लघु आपराधिक वाद, श्रम वाद, प्री-लिटिगेशन के माध्यम से ऐसे वाद जो अभी न्यायालय के समक्ष नही आये हैं विशेषकर पारिवारिक मामले, उपभोगता फोरम तथा आर्बिट्रेशन सम्बन्धित वादों का निस्तारण किया जाना है। बैठक में अधिकारियों से यह अपेक्षा की गयी कि वे अपने विभागों से सम्बन्धित ऐसे मामले जिनकों लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किया जा सके उन्हे अधिक से अधिक चिन्हित कर उनमें पक्षकारों को कम से कम दो बार नोटिस तामीला कराते हुये राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित करने का प्रयास करें। बैठक में विष्णुदत्त बादल समन्वयक दिव्यांग विभाग, सुरेन्द्र कुमार जिला सूचना अधिकारी, रनवीर कुमार सिंह खान अधिकारी, महेन्द्र कुमार शुक्ला श्रम अधिकारी, मनोहरलाल वर्धन चकबन्दी अधिकारी, अंकुर कचेर कृषि विभाग आदि मौजूद रहे।
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