शातिर अपराधी को गैंगस्टर एक्ट में हुई सजा, न्यायालय ने सुनाई 2 वर्ष 1 माह की कठोर कैद और जुर्माना
जनपद में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत एक बड़े आपराधिक मामले में विशेष न्यायालय ने शातिर अपराधी को दोषी...

बांदा। जनपद में गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत एक बड़े आपराधिक मामले में विशेष न्यायालय ने शातिर अपराधी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष एक माह की कठोर कारावास एवं ₹6000 रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी को सजायाफ्ता वारंट के माध्यम से जेल भेज दिया गया है।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शुक्ला द्वारा 15 जुलाई 2023 को दर्ज प्राथमिकी में लाल सिंह उर्फ लाल चंद्र, निवासी अंडवा थाना बरौर, जनपद कानपुर देहात को गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपी बनाया गया था। यह मामला महेश अवस्थी (गैंग लीडर) और नाजिम समेत एक संगठित गिरोह के विरुद्ध दर्ज किया गया था, जो चोरी, राहजनी, अवैध हथियार रखने, और अवैध सामान की बिक्री जैसे संगठित अपराधों में संलिप्त था।
गिरफ्तार आरोपी लाल सिंह के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) गुणेन्द्र प्रकाश की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पुख्ता साक्ष्य एवं प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की गई। इस केस की विवेचना निरीक्षक सुखराम सिंह ने की थी। अभियोजन की ओर से कोर्ट मोहर्रिर रूबी पाल, अमित राजपूत, और विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने सुनवाई के दौरान मेहनतपूर्वक दलीलें पेश कीं।
न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त लाल सिंह को दोषी मानते हुए 02 वर्ष 01 माह का कठोर कारावास एवं ₹6000 रुपये का जुर्माना लगाया। यह भी निर्देशित किया गया कि जुर्माना न देने पर एक अतिरिक्त माह की सजा भुगतनी होगी।
गिरोह के विरुद्ध दर्ज गैंग चार्ट बांदा जिलाधिकारी से अनुमोदित कराकर मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह गिरोह जनपद व आसपास के क्षेत्रों में भय और आतंक का वातावरण बनाकर अपराध करता रहा है, जिसके चलते स्थानीय नागरिक उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में भी भयभीत रहते थे।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि गैंग का लीडर महेश अवस्थी है, जबकि लाल सिंह और नाजिम इसके सक्रिय सदस्य हैं। यह गिरोह अवैध तरीके से धन, संपत्ति और भौतिक लाभ के लिए अपराधों को अंजाम देता रहा है। इनके विरुद्ध गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पूर्व से ही दर्ज हैं।
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