भूमाफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर नजर का आरोप, मैदान को बचाने की चेतावनी
बांदा। समाजवादी पार्टी ने बांदा के जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए शहर स्थित ऐतिहासिक राइफल क्लब खेल मैदान की नीलामी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस महत्वपूर्ण खेल मैदान पर भूमाफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों की नजर है और इसे सुनियोजित तरीके से नीलाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि राइफल क्लब मैदान शहर के बीचों-बीच स्थित एकमात्र प्रमुख खेल मैदान है, जहां खेलकर जनपद के अनेक खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। पार्टी ने यह भी उल्लेख किया कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद वर्ष 1945 से 1962 तक झांसी से आकर इसी मैदान पर नियमित रूप से खेलते रहे थे, जिससे इसका ऐतिहासिक और खेल महत्व और भी बढ़ जाता है।
सपा ने मैदान के इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 1902 में तत्कालीन जमींदार बांदा द्वारा गाटा संख्या 9546 को 99 वर्षों के पट्टे पर पुलिस परेड ग्राउंड के लिए अस्थायी रूप से दिया गया था। शर्त यह थी कि पुलिस लाइन के निर्माण के बाद इस मैदान को खाली कर दिया जाएगा।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्ष 1984-85 में बांदा विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने राइफल क्लब खेल मैदान में स्थित टीटी हॉल में अपना कार्यालय खोलकर जिलाधिकारी बांदा का अस्थायी किराएदार बन गया। इसके बाद 1992-93 में बीडीए ने कथित रूप से अवैध तरीके से नगर पालिका परिषद बांदा से मैदान के कुछ हिस्से को फ्री होल्ड कराकर अपने नाम कर लिया और उस पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बनाई।
इस पर खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने 13 जनवरी 2006 को बांदा विकास प्राधिकरण के विरुद्ध स्थगन आदेश जारी किया था। इसी क्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने वर्ष 2006 में बांदा आगमन के दौरान इसी राइफल क्लब मैदान से घोषणा की थी कि मैदान की यथास्थिति बहाल रहेगी और इसे खेल मैदान के रूप में ही विकसित किया जाएगा।
पार्टी का आरोप है कि इसके बावजूद बांदा विकास प्राधिकरण द्वारा पत्रांक-933/बा.वि.प्रा./2025-26 दिनांक 01.01.2026 को राइफल क्लब खेल मैदान की नीलामी हेतु विज्ञापन जारी कर दिया गया है, जो न्यायालयी आदेश और पूर्व घोषणाओं की अवहेलना है।
इस मामले में सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि राइफल क्लब मैदान को बेचा गया तो वे किसी भी स्तर की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन यदि उनकी बात नहीं सुनता है तो रोड जाम से लेकर गिरफ्तारी तक का सामना करने को भी वे तैयार हैं, लेकिन मैदान को बिकने नहीं दिया जाएगा।
सपा ने मांग की है कि राज्यपाल इस मामले में हस्तक्षेप कर नीलामी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त कराएं और राइफल क्लब मैदान को भविष्य में भी खेल मैदान के रूप में सुरक्षित रखा जाए।