बाँदा : जिंदा जलाने से पहले प्रेमी प्रेमिका को घंटो किया था टार्चर

बुन्देलखण्ड के जनपद बांदा के करछा गांव में प्रेमी युगल को जिंदा जलाने से पहले कई घंटे तक रस्सी से बांधकर यातनाएं दी गई। यात्नाओं के कारण उनकी चीख-पुकार घर के बाहर तक गूंजती रही लेकिन उन्हें बचाने का कोई साहस नहीं दिखा पाया..

बाँदा : जिंदा जलाने से पहले प्रेमी प्रेमिका को घंटो किया था टार्चर

बुन्देलखण्ड के जनपद बांदा के करछा गांव में प्रेमी युगल को जिंदा जलाने से पहले कई घंटे तक रस्सी से बांधकर यातनाएं दी गई। यात्नाओं के कारण उनकी चीख-पुकार घर के बाहर तक गूंजती रही लेकिन उन्हें बचाने का कोई साहस नहीं दिखा पाया। जब उन्हें जिंदा जला दिया गया तब जाकर गांव के लोग उन्हें बचाने दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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प्रेमी युगल की मौत के बाद गांव में मरघट सा सन्नाटा छाया हुआ है, लोग डरे सहमे अपने अपने घरों में कैद हैं। घटना कैसे हुई और कब हुई। इस बारे में गांव का कोई भी व्यक्ति कुछ भी बताने से परहेज कर रहा है। इस बारे में मृतक के चाचा श्याम बाबू का कहना है कि लड़की के भाई लाखन सिंह व उसके परिवारी जन ने भोला आरख  (25) और प्रियंका (17) को आपत्तिजनक अवस्था में देखने के बाद पकड़ कर रस्सी से बांध लिया और घर के अंदर कैद करके परिवार के लोगों ने दोनों को जमकर यातनाएं दी।

उनकी चीख-पुकार पूरे गांव में गूंजती रही। उन्हें सवेरे 11 बजे ही पकड़ कर घर में कैद किया गया था और यातना देने का सिलसिला कई घंटे तक चलता रहा। हमें घटना की जानकारी दोपहर लगभग 1 बजे हुई तब हमने लड़की के मां-बाप को बुलाने की कोशिश की लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला।

इस बीच पुलिस को भी फोन करने की कई बार कोशिश की गई लेकिन नेटवर्क न होने से फोन नहीं लग पाया तब तक हमें लग रहा था कि वह लोग उन्हें केवल मारपीट रहे थे लेकिन जब एक कमरे से आग की लपटें उठने लगी तब पूरे गांव में शोर मचा और लोग आग बुझाने की कोशिश करने लगे और किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया।

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बाद में पता चला कि लड़की के भाई ने भोला के सिर पर धारदार कुल्हाड़ी से हमला किया था जिससे उसकी हालत नाजुक थी आग लगने में दोनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे जिससे उनकी मौत हुई।मृतक के चाचा ने बताया कि  भोला और प्रियंका दोनों स्वजातीय है प्रेमी भोला सूरत में रहकर मजदूरी करता था।

लॉक डाउन के कारण गांव लौट आया था और अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, लेकिन लड़की वाले इस शादी के खिलाफ थे। जब उन्होंने दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में देखा तो उन्होंने दोनों को यातनाएं देकर मार डाला। इस बीच आई जी के सत्यनारायण ने गांव का भ्रमण किया।

घटनास्थल का जायजा लेने के बाद घर के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से पूछताछ भी की। वहीं मटौंध पुलिस शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।