बुंदेलखंड में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय व एनबीआरआई लखनऊ में समझौता

बुंदेलखंड में फूलों की खेती की संभावनाएं अपार हैं। यहां फूलों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के बीच एक समझौता ...

Dec 29, 2023 - 07:38
Dec 29, 2023 - 07:46
 0  7
बुंदेलखंड में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विश्वविद्यालय व एनबीआरआई लखनऊ में समझौता

बांदा,

बुंदेलखंड में फूलों की खेती की संभावनाएं अपार हैं। यहां फूलों की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय व राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के बीच एक समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य बुंदेलखंड में फूलों की खेती को बढ़ावा देना है। जिससे इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।

यह भी पढ़े:कोहरे के कारण रफ्तार नहीं पकड़ पा रही ट्रेनें, जानिए कौन कितनी विलंब से चल रही है ट्रेन

 कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को विश्वविद्यालय द्वारा सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई), लखनऊ के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई)-वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), नई दिल्ली के घटक अनुसंधान संस्थानों में से एक है। यह संस्थान मुख्य रूप से फूल, पौधो, एवं वनस्पतिक महत्व के पौधो पर शोध कार्य करता है। मुख्य रूप से वाणिज्यिक महत्व के नए पौधों और माइक्रोबियल स्रोतों के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास पर शोध कार्य करता है। इनके द्वारा शोध कार्य दुर्लभ प्रजातियों सहित स्वदेशी और विदेशी मूल के पौधों के जर्मप्लाज्म तथा उसका भंडार, पौधों और प्रोपग्यूल्स की पहचान, आपूर्ति और विनिमय, सम्बन्धित कार्य सम्पादित करता है। साथ ही उद्यान लेआउट और भूनिर्माण के लिए विशेषज्ञता और सहायता प्रदान करता है।

यह भी पढ़े:जंग से मलबे में तब्दील हुई इस्राइल की इमारतों को, नए ढंग से संवारेंगे चित्रकूट मंडल के कारीगर

 इस समझौता का मुख्य उद्देश्य बुन्देलखण्ड मे फूलों की खेती को बढ़ावा देना जिनसे इस क्षेत्र मे रोजगार की सम्भावनाओ को बढ़ाया जा सके। इसके लिये सी.एस.आई.आर.- राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ द्वारा विकसित फूलो की विभिन्न प्रजातियो, तकनिकीयो तथा उससे सम्बन्धित विपणन व मांग का लाभ विश्वविद्यायल के माध्यम से किसानो एवं फूलो की खेती कर रोजगार पाने वाले यूवाओ के लिये लाभप्रद होगा। इस समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.पी. सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड मे फूलो की खेती की सम्भावनाऐं भी अपार है। संस्थान की तकनिकियो का प्रसार बुन्देलखण्ड के लिये फूलो की खेती मे दुर्गामिक परिणाम देगा। समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान दोनो संस्थानो के वैज्ञानिकगण उपस्थित रहे। 

यह भी पढ़े:संजय सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में आप कार्यकर्ताओं ने रखा उपवास

जिसमे मुख्य रूप से उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. सत्यव्रत द्विवेदी तथा पुष्पोत्पादन एवं भू-दृश्य वास्तुकला विभाग के विभागाध्यक्ष, डा. अजय कुमार सिंह उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति ने यह भी कहा कि फूलो की खेती के सम्बन्ध मे क्षमता निर्माण एवं कौशल विकास को प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। जिससे कृषक एवं फूलो की खेती के इच्छुक यूवा व माली भाग लेकर अपनी नर्सरी स्थापित कर सकेगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0