आखिर क्यों बांदा मुरेड़ी के पास ग्रामीणों ने घंटों रोकी ट्रेन ?

लगभग एक दर्जन गांव के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य दुरेडीगांव में रेलवे अंडर ब्रिज बनाया गया था।लेकिन जल निकासी का इंतजाम न होने से परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी वजह से आज ग्रामीणों ने मैं जलभराव होने पर ट्रेन रोककर आक्रोश व्यक्त किया...

आखिर क्यों बांदा मुरेड़ी के पास ग्रामीणों ने घंटों रोकी ट्रेन ?
बांदा मुरेड़ी के पास ग्रामीणों ने घंटों रोकी ट्रेन

लगभग एक दर्जन गांव के आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य दुरेडीगांव में रेलवे अंडर ब्रिज बनाया गया था।लेकिन जल निकासी का इंतजाम न होने से परेशानी का सबब बना हुआ है। इसी वजह से आज ग्रामीणों ने मैं जलभराव होने पर ट्रेन रोककर आक्रोश व्यक्त किया।

यह भी पढ़ें : बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए बैंकों से ऋण की स्वीकृति

जनपद के दुरेडी व आसपास गांव के लोगों को रेलवे फाटक के चलते आवागमन करने में परेशानी का सामना करना पड़ता था।

Railway Under Bridge

इस पर लोगों की समस्या को देखते हुए रेलवे ने गांव दुरेडी में अंडरपास का निर्माण कराया था। अंडरपास निर्माण कार्य के लिए ठेकेदारों को भारी भरकम बजट आवंटित किया था। निर्माण के समय ठेकेदारों ने जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं की । इसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें : मुसलाधार बारिश के बीच प्रकट हुए भगवान, ब्रज में घर-घर जन्में कान्हा

हल्की बारिश होने पर ही अंडरपास में जलमग्न हो जाता है। दो दिनों से  हुई बारिश के चलते अंडरपास में जलभराव हो गया है। इससे राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वाहन सवार जलभराव से गुजरने को मजबूर है। जलभराव से परेशान होकर ग्रामीणों ने आज एक मालगाड़ी गुजरने पर रेल लाइन पर खड़े होकर उसे रोक दिया और कई घंटे तक रेल लाइन पर बैठकर हंगामा करते रहे।

इसके बाद भी मौके पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचे।ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे की लापरवाही से बनाए गए अंडर ब्रिज में जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई जिससे पानी भर जाने से आवागमन ठप हो जाता है। सैकड़ों वाहन फंसे रहते हैं इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण आर पार की लड़ाई जाने को मजबूर होंगे।

यह भी पढ़ें : राम मन्दिर का निर्माण हुआ शुरू