विकास की बयार : बाँदा में केंद्र के 11 और प्रदेश सरकार के 9 वर्षों ने बदली तस्वीर

जनपद बाँदा में विकास के पिछले एक दशक ने प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार...

Mar 18, 2026 - 18:20
Mar 18, 2026 - 18:26
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विकास की बयार : बाँदा में केंद्र के 11 और प्रदेश सरकार के 9 वर्षों ने बदली तस्वीर
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17 हजार करोड़ से अधिक का औद्योगिक निवेश, 14 हजार से ज्यादा युवाओं को मिला रोजगार

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और सड़कों के जाल से बदली जनपद की कनेक्टिविटी

किसान सम्मान निधि से 2.98 लाख कृषक लाभान्वित, 32 लाख से अधिक लोगों को मिला मुफ्त राशन

बाँदा। जनपद बाँदा में विकास के पिछले एक दशक ने प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। केंद्र सरकार के सफल 11 वर्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्षों के कार्यकाल के दौरान जनपद में बुनियादी ढांचे से लेकर जन-कल्याणकारी योजनाओं तक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा है। विकास के इन वर्षों का लेखा-जोखा जिले की बदलती सूरत की तस्दीक करता है।

अन्नदाता की खुशहाली: कर्जमाफी और सम्मान निधि

किसानों के हित में सरकार ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। 'पीएम किसान सम्मान निधि' के तहत जिले के 2,98,093 किसानों के खातों में 934.06 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। वहीं, प्रदेश सरकार की 'ऋण मोचन योजना' के जरिए 59,443 किसानों का 355.34 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर उन्हें बड़ी राहत दी गई है।

बुनियादी ढांचा: सड़कों का जाल और एक्सप्रेस-वे

कनेक्टिविटी के मामले में बाँदा अब पिछड़ा नहीं रहा। 14,849.09 करोड़ की लागत से निर्मित 'बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे' ने जिले को दिल्ली और लखनऊ से सीधे जोड़ दिया है। इसके अलावा 1,286.54 करोड़ रुपये की लागत से 938 किमी लंबी 289 नई सड़कों का निर्माण कराया गया है। 91 नए पंचायत भवन और 187 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है।

आवास और स्वच्छता: हर सिर पर छत, हर घर शौचालय

गरीबों के अपने घर के सपने को सच करते हुए प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण व शहरी) और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कुल 1,33,181 लाभार्थियों को पक्के मकान दिए गए हैं। 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लाखों व्यक्तिगत और सामुदायिक शौचालयों (पिंक शौचालय सहित) का निर्माण कर जिले को ओडीएफ की दिशा में सुदृढ़ किया गया है।

सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण

जिले में 1.11 लाख से अधिक वृद्धजनों, दिव्यांगों और निराश्रित महिलाओं को नियमित पेंशन मिल रही है। 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के तहत 28,744 बेटियों को 25,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से 6,448 जोड़ों का घर बसाया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 5.31 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जो गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित करते हैं।

रोजगार और निवेश: आत्मनिर्भर होता बाँदा

बाँदा अब औद्योगिक निवेश का केंद्र बन रहा है। जनपद में 17,094.76 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश हुआ है, जिससे 14,519 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' और 'ओडीओपी' (ODOP) के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और बेरोजगार युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें उद्यमी बनाया गया है। युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने के लिए 52,000 से अधिक छात्र-छात्राओं को टैबलेट व स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं।

पर्यटन और संस्कृति का कायाकल्प

जिले की ऐतिहासिक पहचान को सहेजने के लिए 49.71 करोड़ की लागत से 20 पर्यटन केंद्रों का विकास किया जा रहा है। भूरागढ़ रिवरफ्रंट, कालिंजर किले के पास सुविधा केंद्र और बाम्बेश्वर मंदिर जैसे 13 प्रोजेक्ट्स का काम पूरा हो चुका है, जबकि नवाब टैंक में म्यूजिकल फाउंटेन और यमुना नदी के घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

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