बुंदेलखंड की धरती पर चमकेगा विज्ञान का सूरज : महोबा में बनेगा अत्याधुनिक पर्यटन केंद्र
बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती महोबा अब वैज्ञानिक और सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान दर्ज...
विज्ञान और संस्कृति का अनूठा संगम : अत्याधुनिक गैलरी और 'आठ प्रहर' की वास्तुकला से रूबरू होंगे पर्यटक
महोबा। बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती महोबा अब वैज्ञानिक और सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी नई पहचान दर्ज कराने जा रही है। जिले में ₹24.98 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक 'सन इंटरप्रिटेशन सेंटर' का निर्माण किया जा रहा है। लगभग 4,210 वर्ग मीटर में फैली यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्ष 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है। यह सेंटर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि महोबा के समग्र विकास का नया आधार बनेगा।
क्या है इस प्रोजेक्ट की खासियत?
- यह केंद्र सूर्य के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और पौराणिक महत्व को एक छत के नीचे समेटे होगा। इसकी वास्तुकला और तकनीक इसे देश के अन्य केंद्रों से अलग बनाती है:
- आठ प्रहर की वास्तुकला: इस भवन का ढांचा भारतीय समय गणना पद्धति 'आठ प्रहर' (उषा से त्रियामा तक) पर आधारित होगा, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान को जीवंत करेगा।
- सन डायल (सूर्य घड़ी): परिसर में एक विशेष सूर्य घड़ी स्थापित की जाएगी, जो प्राचीन भारतीय समय मापन की सटीकता को प्रदर्शित करेगी।
- 3D गैलरी: अत्याधुनिक इंटरएक्टिव गैलरी और 3D डिस्प्ले के माध्यम से आगंतुक सूर्य के खगोलीय रहस्यों और वैदिक परंपराओं को डिजिटल रूप में देख सकेंगे।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
- जिला प्रशासन और विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केवल एक इमारत नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए अवसरों का द्वार है।
- प्रत्यक्ष रोजगार: सेंटर के संचालन के लिए गाइड, तकनीकी स्टाफ, सुरक्षा और मेंटेनेंस विभाग में स्थानीय युवाओं की भर्ती होगी।
- व्यापारिक लाभ: पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान (होटल/रेस्टोरेंट) और परिवहन क्षेत्र से जुड़े छोटे व्यापारियों की आय में वृद्धि होगी।
- शैक्षिक पर्यटन: शोधकर्ताओं और छात्र-छात्राओं के लिए यह एक प्रमुख एजुकेशन हब बनेगा, जिससे जिले में बौद्धिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- "यह सन इंटरप्रिटेशन सेंटर विज्ञान, संस्कृति और विकास का संगम होगा। यह न केवल महोबा की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत और आधुनिक विज्ञान से रूबरू कराएगा।"
महोबा बनेगा टूरिज्म सर्किट का केंद्र
महोबा पहले से ही अपने ऐतिहासिक किलों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इस नए सेंटर के जुड़ जाने से इसे एक 'टूरिज्म सर्किट' के रूप में विकसित किया जा सकेगा। यह केंद्र न केवल धार्मिक आस्था रखने वालों को, बल्कि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करेगा। बुंदेलखंड पर्यटन विकास समिति के सचिव शोभित निगम ने कहा बुंदेलखंड के गौरव का प्रतीक है हमारा मंदिर उसको अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम करें।
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