विश्व मलेरिया दिवस पर स्लम बस्ती में जागरूकता अभियान, लोगों को दिलाई शपथ

विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में स्लम बस्ती चौसठ जोगिनी मंदिर खाईपार, बांदा...

Apr 25, 2026 - 13:21
Apr 25, 2026 - 13:23
 0  18
विश्व मलेरिया दिवस पर स्लम बस्ती में जागरूकता अभियान, लोगों को दिलाई शपथ
  • स्वास्थ्य विभाग की टीम ने की मलेरिया जांच, घर-घर जाकर दी बचाव की जानकारी
  • मादा एनाफ्लीज मच्छर से फैलता है मलेरिया, साफ-सफाई पर जोर
  • हीट वेव से बचाव को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने दिए जरूरी निर्देश

बांदा। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में स्लम बस्ती चौसठ जोगिनी मंदिर खाईपार, बांदा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला मलेरिया अधिकारी की टीम द्वारा क्षेत्र के लोगों को मलेरिया से बचाव की शपथ दिलाकर किया गया। इस दौरान टीम ने मलेरिया की जांच भी की तथा पोस्टर और पम्पलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीबीडी डॉ. आर.एन. प्रसाद ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलने वाला बुखार है। यह मच्छर साफ ठहरे हुए पानी में पनपता है। उन्होंने बताया कि जून से सितम्बर तक मलेरिया का संक्रमण अधिक रहता है। मलेरिया के प्रमुख लक्षणों में ठंड लगना, सिरदर्द, पसीना आना, उल्टी और बार-बार बुखार आना शामिल हैं। मच्छर के काटने के चार से दस दिन बाद लक्षण दिखाई देते हैं।

यह भी पढ़े : बांदा : सर्राफा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी पड़ोसी गिरफ्तार

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश पहाड़ी ने हीट वेव से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। आवश्यक होने पर सिर को ढककर बाहर निकलें और नियमित रूप से पानी एवं नींबू पानी का सेवन करें। उन्होंने लू लगने पर ओआरएस घोल पीने और नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी। साथ ही बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में न छोड़ने की अपील की।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुहल्ले में निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए रक्त स्लाइड संग्रह, जलभराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया तथा घर-घर जाकर मच्छर पनपने की संभावित जगहों का निरीक्षण किया। टीम ने कूलर, गमले, प्लास्टिक पात्र, नारियल के खोल, टायर एवं अन्य स्थानों पर जमा पानी को साप्ताहिक रूप से खाली करने की सलाह दी।

स्वास्थ्य विभाग ने बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त जांच कराने की अपील की। सोते समय मच्छरदानी के उपयोग, घर के आसपास सफाई रखने और जलभराव न होने देने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार, सहायक मलेरिया अधिकारी विजय बहादुर, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार प्रदीप कुमार, हेल्थ सुपरवाइजर राकेश कुमार खरे सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम और फील्ड वर्कर उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0