अस्पतालों की गुणवत्ता बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन कराने की तैयारी

बुंदेलखंड को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के वादे के तहत कई अभिनव प्रयास किए जा...

अस्पतालों की गुणवत्ता बढ़ाकर राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन कराने की तैयारी

झांसी मंडल के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सरकारी विभागों की मदद से सुविधाएं बढ़ाने की कवायद

बुंदेलखंड को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उत्तर प्रदेश सरकार के वादे के तहत कई अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं। झांसी मंडल के तीनों जिलों के चयनित अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए समयबद्ध तय रणनीति के तहत स्वास्थ्य महकमा और प्रशासन काम कर रहा है। इसके नतीजे सामने दिखाई देने लगे हैं।

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झांसी मंडल के तीनों जनपदों के चयनित 44 अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए नोडल अफसरों को जिम्मेदारी देकर विभिन्न सरकारी विभागों की मदद ली जा रही है। इस रणनीति का असर दिखाई देने लगा है और झांसी मंडल की दो चिकित्सा इकाइयों को राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड का प्रमाण पत्र भी हासिल हो गया है।

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झांसी मंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरुआसागर और जिला महिला अस्पताल ललितपुर को अभी पिछले दिनों राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड का प्रमाण पत्र हासिल करने में सफलता मिली है। शेष बची इकाइयों में भी स्वास्थ्य सेवाएं और मूलभूत जरूरतें पूरी कर उनकी गुणवत्ता को बेहतर करने के प्रयास हो रहे हैं। अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम विकास विभाग, उद्यान विभाग, जल संसाधन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित कई अन्य विभाग भी हैं जिनके साथ समन्वय स्थापित कर किसी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल की बहुत सारी दिक्कतें दूर कर उनकी गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मंडलीय समन्वयक आनंद चौबे ने बताया कि चिकित्सा इकाइयों में कई बार ऐसी छोटी-छोटी समस्याएं होती हैं जिन्हें विभागों से समन्वय स्थापित कर बेहद आसानी से दूर किया जा सकता है। स्वास्थ्य इकाइयों की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। चयनित स्वास्थ्य इकाइयों के एक्यूएएस सर्टिफिकेशन की ओर भी समयबद्ध रणनीति पर काम चल रहा है और दो इकाइयों के सर्टिफिकेशन में सफलता भी मिल चुकी है।

हिस

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