बांदा क्रिकेट एसोसिएशन में गड़बड़ियों का खुलासा, ‘डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ का पंजीकरण निरस्त
जनपद के क्रिकेट संगठन में लंबे समय से चल रहे विवाद पर बड़ा फैसला सामने आया है। सहायक रजिस्ट्रार, सोसायटी एवं चिट फंड, झांसी ने...
रजिस्ट्रार का बड़ा फैसला—पुरानी कार्यकारिणी वैध घोषित, मनमानी कार्रवाई पर लगी रोक
बांदा। जनपद के क्रिकेट संगठन में लंबे समय से चल रहे विवाद पर बड़ा फैसला सामने आया है। सहायक रजिस्ट्रार, सोसायटी एवं चिट फंड, झांसी ने अपने आदेश दिनांक 16 अप्रैल 2026 में ‘डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन बांदा’ का पंजीकरण निरस्त करते हुए बांदा क्रिकेट एसोसिएशन की पुरानी कार्यकारिणी को वैध घोषित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सचिव वासिफ जमा खान ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए चार वरिष्ठ सदस्यों—राममिलन गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, कमलेश और चंद्रमौली भारद्वाज को संगठन विरोधी बताते हुए निष्कासित कर दिया। इसके बाद उनकी जगह महेश साहिल, धनंजय द्विवेदी, महेंद्र कच्छवाह और शिवप्रताप सिंह को शामिल कर लिया गया।
निष्कासित सदस्यों ने रजिस्ट्रार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1860 के नियमों का उल्लंघन बताया और जांच की मांग की।
इसी दौरान यह तथ्य सामने आया कि 3 अप्रैल 2025 को सचिव द्वारा “डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन बांदा” नाम से एक नई संस्था का गठन कर लिया गया, जिसका पता, पदाधिकारी और उद्देश्य पुराने संगठन से मेल खाते थे। जांच में यह भी पाया गया कि इस नई संस्था में भी सचिव वासिफ जमा खान ही थे और कोषाध्यक्ष के रूप में मनोज मिश्रा का नाम दर्ज था।
रजिस्ट्रार का निर्णय
मामले की जांच के बाद सहायक रजिस्ट्रार ने कूटरचित तथ्यों के आधार पर गठित नई एसोसिएशन का पंजीकरण निरस्त कर दिया। साथ ही पुरानी कार्यकारिणी, जिसमें चंद्रमौली भारद्वाज अध्यक्ष थे, को वैध घोषित किया गया।
क्रिकेट गतिविधियों पर भी उठे सवाल
यह भी सामने आया कि बांदा क्रिकेट एसोसिएशन, फतेहपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन से संबद्ध है और हर वर्ष उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के चयन हेतु ट्रायल आयोजित कराता है। लेकिन इस वर्ष ट्रायल ‘डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन’ के नाम से आयोजित कराए गए, जो संबद्ध नहीं थी, जिससे विवाद और गहरा गया।
जिले में खुशी का माहौल
इस फैसले के बाद क्रिकेट खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और एसोसिएशन के सदस्यों में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब जिले में क्रिकेट का विकास निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।
सदस्यों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि भविष्य में खेल संगठनों में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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