53वें राष्ट्रीय रामायण मेले के आयोजन को लेकर हुई बैठक
आगामी 53वें राष्ट्रीय रामायण मेला संपन्न कराने को पूर्व सांसद की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें उद्घाटन दिवस पर मुख्य अतिथि...
चित्रकूट। आगामी 53वें राष्ट्रीय रामायण मेला संपन्न कराने को पूर्व सांसद की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें उद्घाटन दिवस पर मुख्य अतिथि के आगमन को लेकर विशेष चर्चा की गई।
रविवार को राष्ट्रीय रामायण मेला प्रेक्षागृह में पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में आगामी 53वें राष्ट्रीय रामायण मेला महोत्सव को लेकर बैठक हुई। कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया व महामंत्री करुणा शंकर द्विवेदी ने बताया कि 15 से 19 फरवरी तक पांच दिवसीय आयोजन होगा। भगवान श्रीराम के प्रवास भूमि में 1673 से रामायण मेले का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। तभी से स्व गोपाल कृष्ण करवरिया ने मेले के आयोजन में महती भूमिका निभाई। इसके बाद उनके सुपुत्र स्व राजेश करवरिया ने कार्यभार संभाला और मले को ऊचाईयों तक ले गए। बताया कि मेला सर्वविदित उद्देश्यों, आनंद दृष्टिबोध, रस संचार, भारतीयता, एकात्मकता, भारतीय संस्कृति के संवर्द्धन, राष्ट्रीय एकता, अखंडता आदि की सम्प्राप्ति के लिए मेले के संकल्पत समाजवादी चिंतक डा राममनोहर लोहिया द्वारा प्रस्तुत योजना अनुसार भारत की अलग-अलग भाषाओं में लिखी रामायणों के अधिकारी, विद्वानो, प्रख्यात कथा व्यासो एवं उच्च स्तरीय सांस्कृतिक कलाकारों, महान विभूतियों के आमंत्रण का सिलसिला जारी है। आगामी मेले को लेकर डीएम पुलकित गर्ग का भरपूर सहयोग मिल रहा है। विगत दिनो श्रंगेश्वरपुर में आयोििजत हुए रामायण मेला के अध्यक्ष बालकृष्ण पांडेय ने कहा कि मेले का आयोजन चित्रकूट की प्रेरणा से हो रहा है। पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने कहा कि मेले को भव्य बनाने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे हैं। मेले में सूबे के मुखिया को आमंत्रित किया गया है। उन्हे बुलाने का पुरजोर प्रयास किया जाएगा। पूर्व राज्य मंत्री चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि मेला पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र कोटार्य, पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश खरे, दिनेश तिवारी, राजाबाबू पांडेय, मनोज मोहन गर्ग, आलोक द्विवेदी, केशव शिवहरे, आदर्श बाबू, कामदगिरि के महंत मदन गोपाल दास, महंत दिव्यजीवन दास, खाकी रामबाग अखाड़ा के महंत अमृत दास, अनिल दास, दीनदयाल दास, रामजन्म दास, मुन्न्ना दास आदि संत-महंत मौजूद रहे।
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