रामघाट स्थित तुलसी गुफा में धूमधाम से मनाई गई गोस्वामी तुलसीदास की जयंती
धर्मनगरी के रामघाट स्थित प्राचीन सिद्धपीठ तुलसी गुफा तोतामुखी हनुमान मंदिर में बुधवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई...
चित्रकूट। धर्मनगरी के रामघाट स्थित प्राचीन सिद्धपीठ तुलसी गुफा तोतामुखी हनुमान मंदिर में बुधवार को गोस्वामी तुलसीदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। मंदिर में दिनभर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। नगर के साथ ही दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ देर शाम तक बनी रही।
मंदिर के महंत मोहित दास ने बताया कि गोस्वामी तुलसीदास का जन्म राजापुर में संवत 1554 में हुआ था। उनका बचपन का नाम रामबोला था। उन्होंने बताया कि पत्नी रत्नावली की प्रेरणा से तुलसीदास का जीवन प्रभु श्रीराम की भक्ति की ओर मुड़ा। बाद में तीर्थाटन करते हुए वह चित्रकूट पहुंचे और रामघाट के किनारे साधना करने लगे। बताया कि मान्यता के अनुसार तुलसी गुफा में ही भगवान श्रीराम ने उन्हें दर्शन दिए थे। इस दौरान हनुमान जी ने तोते के रूप में प्रकट होकर दोहा “चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर, तुलसीदास चंदन घिसे तिलक देत रघुबीर” सुनाया। जिसे सुनकर तुलसीदास ने प्रभु श्रीराम को पहचान लिया और फिर श्रीराम ने उन्हें दर्शन दिए।
तुलसी जयंती के अवसर पर मंदिर परिसर में संगीतमय रामचरितमानस पाठ, मानस गोष्ठी और विनय पत्रिका के पदों का गायन हुआ। साथ ही हवन व आरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम संत-महंतों और अखाड़ा परिषद के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
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