मॉडल ब्लाक के रूप में विकसित करें बीडीओ : डीएम

डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न घटकों में शत प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य...

Jan 10, 2026 - 10:17
Jan 10, 2026 - 10:18
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मॉडल ब्लाक के रूप में विकसित करें बीडीओ : डीएम

जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कर अधिकारियों को दिए निर्देश

चित्रकूट। डीएम पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न घटकों में शत प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में 57 अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इस पर जिलाधिकारी ने समस्त खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। भूमि संबंधी किसी भी विवाद की स्थिति में संबंधित उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर भूमि चिन्हांकन करते हुए कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अन्नपूर्णा भवन ट्रक पहुंच मार्ग पर स्थित हों। गौशालाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में कुल 301 गौशालाएं संचालित हैं। डीएम ने निर्देशित किया कि सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराए जाएं तथा उनका कंट्रोल रूम मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में स्थापित किया जाए। जिससे प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की नकारात्मक सूचना नहीं आनी चाहिए। सभी गौशालाओं में भूसा, चारा, स्वच्छ पेयजल एवं ठंड से बचाव के लिए समुचित व्यवस्थाएं, शेड, तिरपाल एवं साफ सफाई की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बीमार पशुओं का तत्काल उपचार कराया जाए तथा पशु मृत्यु की स्थिति में दफन के लिए गौशाला परिसर में ही स्थान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों एवं एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चरवाहों का मानदेय समय से भुगतान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि गौशालाओं में निर्माण अथवा अन्य कमियों के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराएं।

मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों द्वारा गौवंश लिया गया है उनकी प्रगति रिपोर्ट समय से प्रेषित की जाए तथा लाभार्थियों से फोटो भी प्राप्त किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गौशालाओं के निरीक्षण हेतु निरीक्षण रजिस्टर संधारित किया जाए, जिसमें नोडल अधिकारी एवं पशु चिकित्सक के निरीक्षण की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से दर्ज हो। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही आवास उपलब्ध कराया जाए। सत्यापन प्रक्रिया पूर्णतः गुणवत्तापूर्ण हो। कोई भी अपात्र लाभ न प्राप्त कर सके। डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया कि टीएचआर खोह क्लस्टर में समूहों के माध्यम से आने वाली सामग्री जैसे चना दाल, मूंगफली तेल आदि की खरीद स्वयं सहायता समूहों द्वारा ही की जाए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक ब्लॉक से न्यूनतम 50 रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जाए। स्वयं सहायता समूहों के पास उपलब्ध धनराशि का उपयोग रोजगार सृजन हेतु किया जाए। उत्कृष्ट कार्य करने वाले समूहों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की गई।

मनरेगा की समीक्षा में बताया गया कि 335 ग्राम पंचायतों में से मात्र 152 ग्राम पंचायतों में कार्य संचालित हैं। जिस पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने डीसी मनरेगा को निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में आधे हेक्टेयर के तालाब हैं उन्हें मनरेगा के अंतर्गत समाहित किया जाए। तहसीलवार ऐसे तालाबों की सूची तैयार कर संबंधित उपजिलाधिकारी से समन्वय स्थापित किया जाए तथा तालाबों में सीढ़ियां एवं वृक्षारोपण भी कराया जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों की चकरोड चिन्हित कर उनकी आईडी बनाने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 3611 शौचालयों का जियो टैग कर फोटो अपलोड कराया जाना है तथा 1498 शौचालयों का सत्यापन शेष है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पंचायत सहायकों के माध्यम से शीघ्र सत्यापन कराया जाए। जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक नहीं हैं वहां 15 दिवस के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सामुदायिक शौचालयों में ताले बंद न रहें। ब्लॉकवार फोटोग्राफ्स मंगवाकर व्हाट्सएप के माध्यम से नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

आरआरसी के संबंध में डीएम ने निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में रिक्शा क्रय किए गए हैं उनके संचालन के लिए स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाए। आरआरसी का संचालन प्रभावी ढंग से कराया जाना अनिवार्य है। जिन एडीओ पंचायत द्वारा आरआरसी केंद्रों का बेहतर संचालन किया जा रहा है। उनके फोटोग्राफ्स एवं विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कायाकल्प योजना के अंतर्गत निर्देश दिए कि विद्यालयों में बाउंड्रीवाल एवं शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, चाहे वह मनरेगा, 15वें वित्त आयोग अथवा किसी अन्य मद से हो, यह कार्य शत प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम सभाओं में ग्राम निधि से कराए जा रहे कार्यों का विवरण तथा डीपीएम द्वारा किए गए भुगतानों की जानकारी ब्लॉकवार प्रस्तुत की जाए। प्रत्येक ब्लॉक के पिछले एक माह में किए गए शीर्ष पाँच भुगतानों की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। एक ही मद में बार-बार भुगतान किए जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने ब्लॉकों को मॉडल ब्लॉक के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए तथा मार्च माह के अंत में सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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