युवाओं की वैचारिक क्रांति से गूँजा बांदा कृषि विश्वविद्यालय : 'विकसित भारत युवा संसद 2026' का सफल आयोजन
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा 'मॉक पार्लियामेंट' रहा, जहाँ छात्रों ने सत्तापक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संसद जैसा वातावरण तैयार किया...
जनपद के 150 से अधिक छात्रों ने मॉक पार्लियामेंट के जरिए पेश की लोकतंत्र की जीवंत झलक
'आपातकाल के 50 वर्ष - सबक और सीख' विषय पर हुआ गंभीर वैचारिक संवाद
बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के परिसर में शुक्रवार को 'विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस बौद्धिक मंच पर जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 150 से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी तार्किक क्षमता और लोकतांत्रिक समझ का लोहा मनवाया। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया।
मॉक पार्लियामेंट बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा 'मॉक पार्लियामेंट' रहा, जहाँ छात्रों ने सत्तापक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए संसद जैसा वातावरण तैयार किया। इस वर्ष चर्चा का मुख्य विषय "भारतीय लोकतंत्र के लिए आपातकाल के 50 वर्ष - सबक और सीख" रहा। छात्रों ने न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को रखा, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर संतुलित और प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। यह पूरी प्रक्रिया एक शिक्षणात्मक अभ्यास (Learning Exercise) के रूप में उभरी।
अतिथियों ने दिया प्रगति का मंत्र
मुख्य अतिथि, पूर्व सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने युवाओं को 'रोजगार मांगने वाला' नहीं बल्कि 'रोजगार सृजनकर्ता' बनने के लिए प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि आईपीएस अधिकारी सुश्री मैविस टक ने स्वतंत्र चिंतन और जिम्मेदार नागरिकता पर जोर दिया। जिला युवा अधिकारी विशाल सिंह ने 'MyBharat' प्लेटफॉर्म की उपयोगिता बताई, वहीं बबेरू नगर पंचायत अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने सकारात्मक सोच के साथ देश सेवा का आह्वान किया।
"संसद केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक सोच है जहाँ हर विचार को आवाज मिलती है। हमें एक ऐसा भारत बनाना है जो आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ नैतिक मूल्यों में भी विश्व का आदर्श बने।"
— प्रो. एस.वी.एस. राजू, कुलपति (अध्यक्षीय उद्बोधन)
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का स्वागत भाषण नोडल अधिकारी डॉ. अजीत सिंह ने दिया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. एस.के. सिंह, विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. विज्ञा मिश्रा ने किया और अंत में डॉ. अनीकेत कोलापुरे ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के समापन पर एक रोचक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
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