बांदा में 1.68 करोड़ के साइबर फ्रॉड की कोशिश नाकाम
जनपद बांदा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के खाते से 1.68 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की गई...
- CDO के खाते से रकम निकालने की साजिश, बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची बड़ी ठगी
- फर्जी दस्तावेज और नकली अधिकारी बनकर ठगों ने रची चाल, समय रहते खुला राज
बांदा। जनपद बांदा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के खाते से 1.68 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की गई। हालांकि बैंक मैनेजर की सतर्कता से यह बड़ा वित्तीय फ्रॉड होने से बच गया।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने खुद को DRDA का परियोजना निदेशक बताकर बैंक मैनेजर को फोन किया। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति बैंक शाखा में पहुंचा और विभागीय कर्मचारी बनकर फर्जी दस्तावेज जमा किए। इन दस्तावेजों पर CDO समेत कई अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर और मुहर लगी हुई थी।
दस्तावेजों और प्रक्रिया में गड़बड़ी देख शाखा प्रबंधक को शक हुआ। उन्होंने तत्काल गहन जांच की, जिसमें सभी कागजात फर्जी पाए गए। इसके बाद मैनेजर ने तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचना दी और संदिग्ध ट्रांजैक्शन को रोक दिया, जिससे बड़ी रकम की ठगी टल गई।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के अनुसार, यह घटना 27 मार्च की है। जांच में एक आरोपी की लोकेशन मुजफ्फरनगर में मिली है, जिसके आधार पर पुलिस टीम को रवाना कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SOG समेत तीन टीमें गठित कर दी गई हैं, जो आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
इस संबंध में DRDA के परियोजना निदेशक की तहरीर पर साइबर अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही विभागीय जांच भी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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