बांदा में 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य, खनन पट्टाधारकों और क्रेशर संचालकों को निर्देश
जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी...
50 तालाबों के आसपास होगा वृक्षारोपण, पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी होगी पट्टाधारकों की
बांदा। जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) की अध्यक्षता में जिले के सभी बालू, मोरम, गिट्टी एवं पत्थर पट्टाधारकों, अनुज्ञाधारकों तथा क्रेशर स्वामियों के साथ वृक्षारोपण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वन विभाग की एनओसी तथा पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण-पत्र में निर्धारित शर्तों के अनुरूप ही वृक्षारोपण किया जाए। जुलाई और अगस्त माह में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए खनन क्षेत्रों के आसपास 5 से 10 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जाएगी।
प्रशासन ने जिले के 50 तालाबों के आसपास लगभग 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पट्टाधारकों को फलदार पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, क्रेशर संचालकों को भी अपने प्रतिष्ठानों के आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने को कहा गया है।
बैठक के दौरान कुछ पट्टाधारकों ने भूमि की उपलब्धता को लेकर समस्या रखी, जिस पर प्रशासन ने आश्वासन दिया कि आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर से भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। ग्राम समाज की भूमि पर वृक्षारोपण के प्रस्ताव को भी प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान की।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण के बाद पौधों की देखरेख और संरक्षण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पट्टाधारकों की होगी। प्रभागीय वनाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि लक्ष्य के अनुरूप पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे और वन विभाग इस अभियान में पूर्ण सहयोग करेगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह अभियान जनपद को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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