मलाईदार कुर्सी है : नहीं छोड़ेंगे !

कहने को तो बुंदेलखंड का जिला झाँसी अपने आप में ही ऐतिहासिक झाँसी है, लेकिन उत्तरप्रदेश का जिला झाँसी जो कि एक ऐतिहासिक झाँसी की रानी का नगर कहा जाता है उसी रानी झाँसी के संवाद "मैं अपनी झाँसी नहीं दूंगी " की तर्ज पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम झाँसी क्षेत्र के एक अधिकारी का कहना है कि मैं अपनी कुर्सी नहीं दूंगा ...

मलाईदार कुर्सी है : नहीं छोड़ेंगे !
UPSRTC-Jhansi

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश  राज्य सड़क परिवहन निगम झाँसी में तैनात यातायात अधीक्षक विनोद कुमार सचान का प्रोन्नति पर तबादला शासन की नियतिनुसार झाँसी से बाँदा के लिए सन 2019  के माह जून की दिनांक 28 को किया गया था लेकिन यातायात अधीक्षक विनोद सचान को अपनी प्रोन्नति हजम इसलिए नहीं हुई क्योंकि बाँदा जाने के बाद इतनी मलाई खाने को नहीं मिलती जितनी झाँसी में मिलती है

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सूत्रों के अनुसार यातायात अधीक्षक अपनी तनख्वाह के अलावा अच्छी खासी रकम से अपनी जेब गर्म और बैंक अकाउंट गर्म करते हैं l अब बात सोचने वाली यह है की पिछले लगभग 25 वर्षों से इसी सीट पर डटे यातायात अधीक्षक विनोद सचान किस उच्च अधिकारी के रहमो करम पर पिछले 25 वर्ष से अधिक से इसी सीट पर विराजमान हैं जबकि उत्तरप्रदेश मुखिया माननीय योगी जी के आदेशानुसार कोई भी अधिकारी का तबादला 3 वर्ष में होना चाहिए l

किन्तु तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक सुग्रीव कुमार राय द्वारा अपने कार्यकाल में टी. एस. विनोद सचान को झाँसी से बाँदा स्थान्तरित क्यों नहीं किया गया ??

ख़ास बात तो यह है कि आदेश के अनुपालन में श्री सचान द्वारा बाँदा का कार्यभार आज तक ग्रहण नहीं किया गया है जिससे तो ऐसा ही लगता है कि प्रदेश के मुखिया माननीय योगी आदित्य नाथ के फरमान की धज्जियाँ उड़ाने में परिवहन निगम कोई कसर नहीं छोड़ रहा है l

वर्तमान क्षेत्रीय प्रबंधक श्री के. के. शर्मा से हमारे चैनल के संवाददाता द्वारा बातचीत के दौरान यह बताया गया कि " मुझे अभी इस कार्यालय को ज्वाइन किये हुए सिर्फ छह माह ही हुए हैं, और इस वक्त कोरोना काल चल रहा है, तो हम इसके बारे में जानकारी करेंगे , किन्तु आपको बता दें कि प्रत्येक अधिकारी को अपने सबोर्डिनेट के कार्य और कार्य क्षेत्र के बारे में सभी जानकारी होती है l

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  • अब मामला यहाँ अटक रहा है कि यातायात अधीक्षक विनोद सचान आखिर बाँदा ट्रांसफर पर क्यों नहीं गया ?
  • आखिर किसकी दम पे विनोद सचान अपना वर्चस्व झाँसी में ही स्थापित करना चाहते है ?