बांदा में योगी सरकार की ODOP योजना का धमाका: शजर पत्थर की कला को मिली वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) योजना बांदा जिले के लिए वरदान साबित हो रही है...

Apr 14, 2026 - 17:51
Apr 14, 2026 - 17:54
 0  33
बांदा में योगी सरकार की ODOP योजना का धमाका: शजर पत्थर की कला को मिली वैश्विक पहचान
AI Generated Images - Gemini AI

9 वर्षों में ₹278.16 लाख की परियोजनाओं से बदली जिले की सूरत; दर्जनों युवाओं के सपनों को लगे पंख

बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP) योजना बांदा जिले के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले 9 वर्षों में इस योजना ने न केवल जनपद की आर्थिक सूरत बदली है, बल्कि यहाँ के स्थानीय हुनर को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान भी दिलाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बांदा में ODOP के तहत 278.16 लाख रुपये की लागत से कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया है, जिससे जिले के विकास को नई गति मिली है।

24 बेरोजगार युवा बने उद्यमी, 109 लोगों को मिला रोजगार

योगी सरकार के विजन का ही परिणाम है कि बांदा के 24 बेरोजगार युवा अब खुद की इकाइयां स्थापित कर 'उद्यमी' बन चुके हैं। इन परियोजनाओं ने जिले में रोजगार की नई उड़ान भरी है:

  • प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार: योजना के माध्यम से कुल 109 लोगों को काम मिला है।
  • पलायन पर लगाम: स्थानीय स्तर पर काम मिलने से युवाओं का महानगरों की ओर पलायन कम हुआ है।
  • सामाजिक समावेश: योजना का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँच रहा है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति के 2 युवाओं को 7.50 लाख रुपये की परियोजनाओं से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार की मुख्य धारा में लाया गया है।

"बांदा अब केवल पिछड़ेपन के लिए नहीं, बल्कि अपनी उद्यमिता और शजर पत्थर की कला के लिए जाना जा रहा है। सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बांदा की गलियों तक पहुँचा दिया है।"

शजर पत्थर: गुमनामी से वैश्विक बाजार तक का सफर

बांदा जिले का गौरव कहे जाने वाले 'शजर पत्थर' की कला को ODOP वित्त पोषण योजना ने नया जीवन दिया है। कभी गुमनामी के अंधेरे में खो रही इस अनूठी कला को अब योगी सरकार के प्रोत्साहन से वैश्विक पहचान मिल रही है।

विकास के मुख्य बिंदु:

  1. आधुनिक मशीनें: योजना के तहत कारीगरों को आधुनिक मशीनों और वित्तीय सहायता से लैस किया गया है।
  2. विश्वव्यापी चमक: बांदा का यह पत्थर अब दुनिया भर के बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है।
  3. संसाधनों का दोहन: स्थानीय संसाधनों के सही उपयोग और युवाओं को उचित मार्गदर्शन मिलने से बांदा एक 'आर्ट हब' के रूप में उभर रहा है।

बांदा जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि स्थानीय प्रतिभा को सही मंच मिले, तो वह वैश्विक पटल पर चमकने का माद्दा रखती है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0