बांदा को हरा-भरा बनाने की तैयारी तेज, ‘गोपालवन’ विकसित करने की अनूठी पहल
जनपद में बढ़ती गर्मी, हीटवेव और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए...
सीडीओ की अध्यक्षता में वृक्षारोपण अभियान को लेकर हुई अहम बैठक, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बांदा। जनपद में बढ़ती गर्मी, हीटवेव और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेकर वृक्षारोपण की रणनीति और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में अपर जिला अधिकारी नमामि गंगे, प्रभागीय वनाधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उद्यान विभाग, सिंचाई विभाग, एलएनटी एवं एनसीसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
प्रभागीय वनाधिकारी एवं उद्यान विभाग द्वारा फलदार एवं अन्य पौधों की उपलब्धता की जानकारी दी गई। साथ ही पौधों के भंडारण, वितरण एवं ग्राम स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए गए।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आम नागरिकों एवं स्वयं सहायता समूहों को फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण में व्यापक जनसहयोग मिल सके।
“गोपालवन” बनेगा हरियाली का नया मॉडल
बैठक में एक अनूठी पहल के तहत खाली हो रही गौशालाओं में वृक्षारोपण कर उन्हें “गोपालवन” के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि यह अवधारणा गो-संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और हरियाली को एक साथ जोड़ने का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि गोपालवन न केवल छाया और हरियाली प्रदान करेगा, बल्कि भीषण गर्मी और हीटवेव के प्रभाव को कम करने में भी सहायक साबित होगा।
विभिन्न विभागों को दिए गए लक्ष्य
- बैठक में अलग-अलग विभागों को वृक्षारोपण के लिए स्थान चिन्हित करने एवं लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
- उपायुक्त श्रम रोजगार को अटल भूजल, अमृत सरोवर एवं ग्राम पंचायत तालाबों पर वृक्षारोपण का दायित्व दिया गया।
- जिला पंचायत राज अधिकारी को अन्त्येष्टि स्थल, आरआरसी सेंटर, कब्रिस्तान एवं पंचायत भवनों में पौधरोपण कराने के निर्देश मिले।
- लोक निर्माण एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बड़े चौराहों और सड़क किनारे पौधरोपण करना होगा।
- नगर पालिका को शहर के पार्कों, सड़कों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
- एलएनटी एवं एनसीसी को अपने परिसरों में पौधरोपण के लक्ष्य दिए गए।
- पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन गंभीर
मुख्य विकास अधिकारी अजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए शत-प्रतिशत वृक्षारोपण लक्ष्य हासिल करना बेहद जरूरी है। यह अभियान बांदा जिले को हरा-भरा बनाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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